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CG News: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में प्राचार्यों के 766 पद खाली, फिर भी सीमित शिक्षकों को ही मिलेगा प्रमोशन!

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Nishaanebaz News Desk-CG School Principal Vacancy: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के दावों के बीच प्राचार्यों के खाली पदों का आंकड़ा सामने आया है। छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूलों में प्राचार्य पद खाली होने की वजह से कई स्कूलों में प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के टी-संवर्ग यानी ट्राइबल क्षेत्र के स्कूलों में प्राचार्यों के कुल 766 पद रिक्त बताए गए हैं।खास बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद विभाग फिलहाल सीमित संख्या में व्याख्याताओं को पदोन्नति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। इससे प्रमोशन की प्रक्रिया और खाली पदों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग के टी-संवर्ग के तहत आने वाले ट्राइबल क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में प्राचार्यों के 766 पद रिक्त हैं। छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूलों में प्राचार्य पद खाली होने का यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्राचार्य स्कूल की प्रशासनिक व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाते हैं।इतने बड़े स्तर पर पद खाली होने से स्कूलों में नेतृत्व और प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियों का अतिरिक्त भार अन्य अधिकारियों या शिक्षकों पर पड़ सकता है। हालांकि, विभाग की ओर से इन सभी रिक्त पदों को एक साथ भरने की प्रक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

17 अगस्त को होगी प्रमोशन की काउंसलिंग
लोक शिक्षण संचालनालय यानी DPI ने पदोन्नति और पदस्थापना के लिए 17 अगस्त 2026 को काउंसलिंग कराने का फैसला किया है। छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूलों में प्राचार्य पद खाली होने के बीच यह काउंसलिंग इन्द्रावती भवन में आयोजित की जाएगी।इसके लिए संबंधित व्याख्याताओं को निर्धारित स्थान पर बुलाया गया है। काउंसलिंग के दौरान पदोन्नति और पदस्थापना से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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14 मामलों पर हुई थी DPC की बैठक
जानकारी के अनुसार विभागीय पदोन्नति समिति यानी DPC की बैठक 7 मार्च 2025 को हुई थी। इस बैठक में कुल 14 लोक सेवकों के प्रकरणों पर विचार किया गया था।अब इनमें से 11 व्याख्याताओं को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूलों में प्राचार्य पद खाली होने के बावजूद 766 रिक्त पदों की तुलना में सिर्फ 11 व्याख्याताओं की काउंसलिंग होने से यह प्रक्रिया चर्चा में है।

766 पदों के मुकाबले सिर्फ 11 नाम क्यों?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ट्राइबल क्षेत्र के स्कूलों में प्राचार्यों के 766 पद खाली हैं, तो फिलहाल केवल 11 व्याख्याताओं को ही काउंसलिंग के लिए क्यों बुलाया गया है। छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूलों में प्राचार्य पद खाली होने का असर लंबे समय से स्कूलों की व्यवस्था पर पड़ सकता है।हालांकि, विभागीय प्रक्रिया के अनुसार पात्रता, वरिष्ठता, उपलब्ध पद और अन्य प्रशासनिक नियमों के आधार पर पदोन्नति की प्रक्रिया तय होती है। इसलिए 17 अगस्त की काउंसलिंग के बाद ही स्पष्ट होगा कि इन शिक्षकों को किन स्कूलों में पदस्थ किया जाएगा।

काउंसलिंग के बाद साफ होगी पदस्थापना की तस्वीर
17 अगस्त को होने वाली काउंसलिंग के बाद संबंधित व्याख्याताओं की पदस्थापना को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूलों में प्राचार्य पद खाली होने के बीच विभाग की इस प्रक्रिया पर शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है।अगर आगे भी रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू होती है, तो ट्राइबल क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों को स्थायी प्राचार्य मिल सकते हैं। इससे स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा व्यवस्था के लिए खाली पद बड़ी चुनौती
सरकारी स्कूलों में प्राचार्य सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं संभालते, बल्कि स्कूल में शिक्षकों की व्यवस्था, विद्यार्थियों से जुड़ी गतिविधियां और विभागीय निर्देशों के पालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूलों में प्राचार्य पद खाली रहना शिक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। खासकर ट्राइबल क्षेत्रों में स्कूलों की भौगोलिक और प्रशासनिक परिस्थितियों को देखते हुए इन पदों को भरना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब 17 अगस्त की काउंसलिंग पर नजर
फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से 17 अगस्त 2026 को होने वाली काउंसलिंग अगला महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूलों में प्राचार्य पद खाली होने के बीच 11 व्याख्याताओं की पदोन्नति और पदस्थापना की प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।काउंसलिंग के बाद यह साफ होगा कि इन 11 व्याख्याताओं को किन स्कूलों में प्राचार्य के पद पर नियुक्त किया जाता है। साथ ही 766 रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग आगे क्या कदम उठाता है, यह भी महत्वपूर्ण रहेगा।

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