Monday, September 28, 2026
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Bhoyna Triple Murder Case Verdict: भोयना तिहरे हत्याकांड में बड़ा फैसला: 5 वयस्कों को उम्रकैद, कोर्ट परिसर में परिजनों ने दोषियों पर बरसाईं चप्पलें

धमतरी [Nishanebaaz News]Bhoyna Triple Murder Case Verdict। धमतरी जिले के बहुचर्चित ‘भोयना तिहरे हत्याकांड’ में बुधवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मोहन सिंह कोर्राम की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में 5 वयस्क आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई।

अदालत का फैसला आने के बाद कोर्ट परिसर के बाहर उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब मृतकों के परिजनों का गुस्सा दोषियों पर फूट पड़ा और उन्होंने कोर्ट से बाहर निकाले जा रहे आरोपियों पर चप्पलें बरसा दीं।

‘हमारा घर उजाड़कर तुम्हें क्या मिला?’ – कोर्ट के बाहर भारी हंगामा

सजा का ऐलान होने के बाद जब पुलिसकर्मी दोषियों को अदालत से बाहर ले जा रहे थे, तब मृतकों के परिजन रोते-बिलखते हुए उन पर टूट पड़े। परिजनों ने चिल्लाते हुए कहा, “हमारा घर उजाड़कर तुम्हें क्या मिला?” अचानक बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए दोषियों को अपने घेरे में लिया और तुरंत पुलिस वाहन में बैठाकर सुरक्षित रवाना किया।post

11 अगस्त 2025 की रात अन्नपूर्णा ढाबा पर हुई थी वारदात

यह सनसनीखेज वारदात 11 अगस्त 2025 की रात ग्राम भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास हुई थी। एक मामूली विवाद के बाद स्थानीय युवकों ने रायपुर निवासी तीन युवकों—आलोक सिंह ठाकुर, नितिन टांडी और सुरेश हियाल पर प्राणघातक हमला कर दिया था, जिसमें तीनों की मौत हो गई थी।

पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 3 नाबालिग (अपचारी बालक) शामिल थे। कोर्ट ने 5 वयस्क आरोपियों को हत्या, बलवा, मारपीट और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार देकर अलग-अलग सजाएं सुनाईं, जो एक साथ चलेंगी।

फांसी की मांग पर अड़े परिजन, कहा- ‘इंसाफ की लड़ाई जारी रहेगी’

अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान दोषियों को फांसी (मृत्युदंड) देने की मांग की थी। फैसले से असंतुष्ट परिजनों का कहना है कि उनकी उम्मीद फांसी की सजा पर थी।

  • भावुक हुई मृतक नितिन की पत्नी: मृतक नितिन की पत्नी ने बताया कि उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं और वे दोषियों के लिए सबसे सख्त सजा की आस लगाए हुए थीं।

  • बेटी को आज भी पिता का इंतजार: मृतक सुरेश की पत्नी अंजू रोते हुए बोलीं, “मेरी डेढ़ साल की बच्ची आज भी दरवाजे की तरफ देखती रहती है और सोचती है कि उसके पापा चॉकलेट लेकर वापस आएंगे।”

परिजनों ने स्पष्ट किया है कि उनके लिए इंसाफ की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और वे अदालत के इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत (हाई कोर्ट) में अपील दाखिल करेंगे।

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