[Nishaanebaz News] MP School Teachers: भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्कूली शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत भरा फैसला लिया गया है। अब बाढ़, जलभराव या उफनते नदी-नालों वाले क्षेत्रों में शिक्षकों को सिर्फ ई-अटेंडेंस लगाने के लिए जोखिम उठाकर स्कूल पहुंचने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे हालात में शिक्षक अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऑनलाइन या वर्चुअल कक्षाएं संचालित कर सकेंगे।
भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों में शिक्षकों की सुरक्षा और विद्यार्थियों की पढ़ाई दोनों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था स्पष्ट की गई है। सामान्य परिस्थितियों में स्कूलों का संचालन पहले की तरह होगा, जबकि जोखिम वाले क्षेत्रों में परिस्थितियों के अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प रहेगा।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में ऑनलाइन होंगी कक्षाएं
जारी निर्देशों के मुताबिक जिन क्षेत्रों में बाढ़, जलभराव या नदी-नालों में पानी का बहाव बढ़ने के कारण आवागमन प्रभावित है, वहां शिक्षकों को निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार ऑनलाइन या वर्चुअल कक्षाएं लेने की अनुमति होगी।
इसका उद्देश्य यह है कि खराब मौसम और जलभराव के कारण शिक्षक और कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने के लिए मजबूर न हों और दूसरी ओर विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो।
सिर्फ ई-अटेंडेंस के लिए जोखिम उठाने की जरूरत नहीं
MP School Teachers: जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बाढ़ या जलभराव जैसी परिस्थितियों में किसी भी शिक्षक अथवा कर्मचारी को केवल ई-अटेंडेंस दर्ज कराने के लिए जोखिम उठाकर स्कूल पहुंचने के लिए बाध्य नहीं किया जाए।
शिक्षकों और कर्मचारियों को ऐसी परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। यानी जहां रास्ते में नदी-नाले उफान पर हैं या जलभराव के कारण आवागमन खतरनाक है, वहां महज उपस्थिति दर्ज कराने के लिए स्कूल पहुंचना अनिवार्य नहीं होगा।
सुबह 10:30 बजे तक लगा सकेंगे ई-अटेंडेंस
MP School Teachers: बारिश और खराब मौसम को देखते हुए शिक्षकों को ई-अटेंडेंस के लिए अतिरिक्त समय भी दिया गया है। शिक्षक सुबह 10:30 बजे तक ई-अटेंडेंस दर्ज कर सकेंगे। इसके अलावा उन्हें 15 मिनट का ग्रेस पीरियड भी दिया जाएगा।
हालांकि यह सुविधा सामान्य परिस्थितियों में सभी स्कूलों के लिए नियमित छूट के तौर पर नहीं है। सामान्य स्थिति वाले क्षेत्रों में शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्धारित समय पर स्कूल पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
सामान्य क्षेत्रों में स्कूल टाइमिंग का करना होगा पालन
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के निर्देशों के अनुसार जिन स्कूलों में बाढ़, जलभराव या आवागमन की कोई गंभीर समस्या नहीं है, वहां सभी शिक्षक और कर्मचारी निर्धारित स्कूल समय के अनुसार उपस्थित होंगे।अर्थात सामान्य परिस्थितियों वाले स्कूलों में शिक्षकों के लिए पहले से तय व्यवस्था लागू रहेगी। ऑनलाइन कक्षाओं की सुविधा मुख्य रूप से उन स्थानों के लिए है जहां बारिश के कारण स्कूल पहुंचना जोखिम भरा हो गया है।
जोखिम वाले स्कूलों की होगी पहचान
MP School Teachers: प्रशासन ने संकुल प्राचार्यों को ऐसे स्कूलों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं, जो बाढ़, जलभराव या नदी-नालों के उफान वाले जोखिम वाले क्षेत्रों में आते हैं।इन स्कूलों की सूची तैयार कर संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद पूरी जानकारी अलग से कार्यालय को भेजी जाएगी, ताकि परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई और व्यवस्था की जा सके।
शिक्षकों की सुरक्षा के साथ पढ़ाई जारी रखने पर जोर
MP School Teachers: बारिश के दौरान कई ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में नदी-नालों के उफान पर आने से रास्ते बंद हो जाते हैं। ऐसे में शिक्षकों के लिए स्कूल तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। नई व्यवस्था का मकसद शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई को जारी रखना है।इस व्यवस्था के तहत जहां स्कूल पहुंचना सुरक्षित है, वहां नियमित कक्षाएं चलेंगी, जबकि जोखिम वाले इलाकों में परिस्थितियों के अनुसार ऑनलाइन कक्षाओं का सहारा लिया जा सकेगा।






