MP News: ‘मेरी जमीन बचा लो… नहीं तो जिंदा गाड़ देंगे!’ मऊगंज में दलित महिला का सनसनीखेज आरोप

Rahul Goshwami

Mauganj Land Dispute: मऊगंज जमीन विवाद एक बार फिर चर्चा में है। मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले के लौर खुर्द गांव की एक महिला ने सरकारी पट्टे की जमीन को लेकर कुछ लोगों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसके परिवार को आवंटित भूमि पर कथित रूप से कब्जे की कोशिश की गई। साथ ही मारपीट, जातिसूचक अपमान, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच की मांग की गई है।

मऊगंज जमीन विवाद में शिकायतकर्ता चंद्रवती प्रजापति का कहना है कि 11 जुलाई 2026 को कुछ लोग उनके परिवार को आवंटित सरकारी पट्टे की भूमि पर पहुंचे। उनके अनुसार वहां हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करने की कोशिश की जा रही थी। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर उनके और परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा मारपीट की गई।

जातिसूचक टिप्पणी और धमकी का आरोप
मऊगंज जमीन विवाद को लेकर महिला ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। महिला का कहना है कि इस घटना के बाद परिवार लगातार भय के माहौल में रह रहा है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।

दिव्यांग बेटे को लेकर भी जताई चिंता
मऊगंज जमीन विवाद में पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि घटना के दौरान उनके 10 वर्षीय दिव्यांग बेटे को लेकर भी डर का माहौल बनाया गया। उनका कहना है कि घटना के बाद बच्चा मानसिक तनाव में है और पूरा परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है।

पुलिस कार्रवाई को लेकर भी लगाए सवाल
मऊगंज जमीन विवाद में महिला का आरोप है कि घटना के बाद वह थाना लौर पहुंचीं, लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक मऊगंज और पुलिस महानिरीक्षक रीवा को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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शिकायत के बाद दबाव बनाने का भी आरोप
मऊगंज जमीन विवाद में महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उच्च अधिकारियों को शिकायत देने के बाद कुछ लोगों ने रास्ते में रोककर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया और कथित रूप से धमकी दी। इन आरोपों की भी जांच होना बाकी है और प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

प्रशासन से क्या हैं प्रमुख मांगें?
मऊगंज जमीन विवाद को लेकर पीड़ित परिवार ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सरकारी पट्टे की भूमि की सुरक्षा करने की मांग की है। साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की भी मांग की गई है।

अभी जांच बाकी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
मऊगंज जमीन विवाद में लगाए गए सभी आरोप फिलहाल शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। संबंधित प्रशासन और पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच रिपोर्ट और बयान का इंतजार किया जा रहा है।

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