Bhopal Metro Update: भोपाल। राजधानी भोपाल के मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) से सिग्नलिंग सिस्टम को मंजूरी मिलने के बाद अब 25 जुलाई से भोपाल मेट्रो दोनों ट्रैक पर संचालित होगी। इसके साथ ही मेट्रो की नई समय-सारणी भी लागू की जा रही है, जिससे यात्रियों का इंतजार कम होगा और सफर पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पीक आवर्स में हर 15 मिनट और सामान्य समय में हर 30 मिनट के अंतराल पर मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
सिग्नलिंग सिस्टम को मिली मंजूरी, अब दोनों ट्रैक पर चलेगी मेट्रो
अब तक भोपाल मेट्रो का संचालन सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह मंजूर नहीं होने के कारण केवल एक ट्रैक पर किया जा रहा था। इससे ट्रेनों के बीच लंबा अंतराल रहता था और यात्रियों को अधिक इंतजार करना पड़ता था।हालांकि अब CMRS ने सिग्नलिंग सिस्टम को हरी झंडी दे दी है। इसके बाद मेट्रो का संचालन दोनों ट्रैक पर शुरू किया जाएगा, जिससे ट्रेन संचालन अधिक सुचारू और नियमित हो सकेगा।
25 जून को हुआ था सुरक्षा निरीक्षण
Bhopal Metro Update: दोनों ट्रैक पर मेट्रो संचालन से पहले 25 जून को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम ने विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण किया था।निरीक्षण के दौरान दोनों ट्रैक पर दो मेट्रो ट्रेनों को आमने-सामने चलाकर सिग्नलिंग सिस्टम, ब्रेकिंग सिस्टम, गति नियंत्रण, ट्रैक सुरक्षा और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई। सभी परीक्षण सफल पाए जाने के बाद मेट्रो संचालन को अंतिम मंजूरी प्रदान कर दी गई।
25 जुलाई से लागू होगी नई समय-सारणी
नई संचालन व्यवस्था के तहत सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से एम्स स्टेशन के बीच मेट्रो सेवा संचालित होगी।
नई समय-सारणी के अनुसार—
- सुबह 9:00 बजे एम्स स्टेशन से पहली मेट्रो रवाना होगी।
- शाम करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच अंतिम मेट्रो सेवा संचालित की जाएगी।
- दोनों दिशाओं में प्रतिदिन 50 ट्रिप संचालित करने की योजना बनाई गई है।
- पीक आवर्स में हर 15 मिनट पर मेट्रो उपलब्ध होगी।
- नॉन-पीक आवर्स में हर 30 मिनट के अंतराल पर ट्रेन चलेगी।
इस नई व्यवस्था से यात्रियों का यात्रा समय कम होगा और स्टेशन पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इन यात्रियों को मिलेगा सबसे अधिक फायदा
Bhopal Metro Update: मेट्रो की बढ़ी हुई फ्रीक्वेंसी का सबसे अधिक लाभ उन लोगों को मिलेगा, जो रोजाना कार्यालय, अस्पताल, रेलवे स्टेशन या शिक्षण संस्थानों तक सफर करते हैं।
नई व्यवस्था से विशेष रूप से लाभान्वित होंगे—
- एम्स भोपाल आने वाले मरीज और उनके परिजन।
- रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्री।
- एमपी नगर के विद्यार्थी और कोचिंग छात्र।
- वल्लभ भवन, आरबीआई, एसबीआई सहित विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों के कर्मचारी।
- प्रतिदिन मेट्रो से आने-जाने वाले नियमित यात्री।
डिजिटल टिकटिंग की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी
Bhopal Metro Update: भोपाल मेट्रो में यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) सिस्टम पहले से उपलब्ध है।
यात्री MPMRCL Mobile App के माध्यम से डिजिटल टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा—
- UPI
- QR Code
- E-Wallet
- डिजिटल पेमेंट ऐप्स
के जरिए भी टिकट खरीदने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इससे टिकट लेने में समय की बचत होगी और कैशलेस यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।
यात्रियों को मिलेगा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर
दोनों ट्रैक पर संचालन शुरू होने के बाद भोपाल मेट्रो की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और समयबद्ध सेवा मिलेगी। सरकार और मेट्रो प्रबंधन का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को और मजबूती मिलेगी तथा सड़क यातायात पर दबाव भी कम होगा।







