Indore Municipal: इंदौर। स्वच्छता में देशभर में पहचान बनाने वाला इंदौर एक बार फिर अपने अनोखे अभियान को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला किसी अपराधी की तलाश का नहीं, बल्कि करीब 2 किलो वजनी चांदी के लोटे का था, जो गलती से घरेलू कचरे के साथ नगर निगम की कचरा गाड़ी में पहुंच गया। इस सूचना के बाद नगर निगम ने तत्काल पूरे अमले को सक्रिय किया और करीब 24 घंटे तक लगातार चले विशेष सर्च अभियान के बाद आखिरकार कचरे के विशाल ढेर में से चांदी का लोटा सुरक्षित बरामद कर लिया। शहर में इस अभियान को अब लोग “ऑपरेशन लोटा” के नाम से याद कर रहे हैं।
घरेलू कचरे के साथ गलती से फेंक दिया गया था चांदी का लोटा
जानकारी के अनुसार, इंदौर के राजेंद्र नगर क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार से सफाई के दौरान करीब 2 किलो वजनी चांदी का लोटा अनजाने में घरेलू कचरे के साथ कचरा वाहन में चला गया। कुछ देर बाद जब परिवार को अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने तत्काल नगर निगम से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई।
नगर निगम ने तुरंत शुरू किया हाई-प्रायोरिटी सर्च ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने बिना देर किए पूरे सिस्टम को अलर्ट कर दिया। अधिकारियों ने सबसे पहले संबंधित कचरा वाहन की ट्रैकिंग कर उसका पूरा रूट खंगाला और यह पता लगाया कि कचरा किस ट्रेंचिंग ग्राउंड तक पहुंचा है। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में कर्मचारियों की विशेष टीम मौके पर रवाना हुई।
20 कर्मचारी, 3 वरिष्ठ अधिकारी और जेसीबी मशीनें जुटीं अभियान में
Indore Municipal: इस अनोखे मिशन में करीब 20 कर्मचारियों, 3 वरिष्ठ अधिकारियों और जेसीबी मशीनों की मदद ली गई। ट्रेंचिंग ग्राउंड पर पहुंचे कचरे के बड़े-बड़े ढेरों की घंटों तक बारीकी से छंटाई की गई। सैकड़ों टन कचरे को अलग-अलग कर हर संभावित स्थान की जांच की गई।लगातार करीब 24 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद टीम को आखिरकार सफलता मिली और कचरे के बीच से 2 किलो वजनी चांदी का लोटा सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
परिवार ने ली राहत की सांस, औपचारिकताओं के बाद लौटाई गई कीमती वस्तु
लोटा मिलने की सूचना मिलते ही परिवार ने राहत की सांस ली। नगर निगम ने आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चांदी का लोटा उसके वास्तविक मालिक को सौंप दिया। परिवार ने नगर निगम की तत्परता और कर्मचारियों की मेहनत के प्रति आभार व्यक्त किया।
‘ऑपरेशन लोटा’ बना शहरभर में चर्चा का विषय
Indore Municipal: इस अनोखी घटना के बाद पूरे शहर में “ऑपरेशन लोटा” चर्चा का विषय बन गया है। लोग नगर निगम की कार्यशैली और संवेदनशीलता की सराहना कर रहे हैं। आमतौर पर कचरे में खोई वस्तु को ढूंढ पाना लगभग असंभव माना जाता है, लेकिन नगर निगम की सुनियोजित रणनीति, वाहन ट्रैकिंग सिस्टम और कर्मचारियों की मेहनत ने इस असंभव कार्य को संभव बना दिया।यह अभियान इस बात का उदाहरण बन गया कि यदि तकनीक, समन्वय और इच्छाशक्ति एक साथ हों, तो कचरे के पहाड़ में खोई हुई कीमती वस्तु भी सुरक्षित वापस मिल सकती है।







