Wednesday, September 2, 2026
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Ahmedabad Fire Tragedy: अहमदाबाद में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग; 8 लोगों की दर्दनाक मौत, 10 गंभीर रूप से झुलसे

Ahmedabad Fire Tragedy: अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। रविवार को जिले के महमूदपुरा इलाके में संचालित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयावह अग्निकांड में अब तक 8 लोगों की झुलसने और दम घुटने से मौत हो चुकी है, जबकि 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

धमाकों और आग की लपटों को देखकर पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। सभी घायलों को आनन-फानन में एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है, जहां आपातकालीन वार्डों में उनका इलाज जारी है।

सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाकर चल रही थी ‘टैलेंट पटाखा फैक्ट्री’

प्रारंभिक प्रशासनिक और पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाले हैं। यह हादसा महमूदपुरा स्थित ‘टैलेंट पटाखा फैक्ट्री’ में हुआ। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी पाए जाने के कारण इसका आधिकारिक लाइसेंस काफी समय पहले ही रद्द (Cancelled) कर दिया गया था।

इसके बावजूद, नियमों को ठेंगा दिखाकर फैक्ट्री को पूरी तरह अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। इस पूरी अवैध गतिविधि के पीछे मेहुल डोडिया नामक संचालक का नाम सामने आया है, जो बिना किसी विधिक अनुमति के यहां भारी मात्रा में बारूद और पटाखे तैयार करवा रहा था।

अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड: मुख्य विवरण और हताहतों के आंकड़े

घटना से जुड़े मुख्य पहलू प्रामाणिक प्रशासनिक विवरण व आंकड़े
घटनास्थल टैलेंट पटाखा फैक्ट्री, महमूदपुरा, अहमदाबाद (गुजरात)
हादसे में हताहत 08 लोगों की मौत, 10 लोग गंभीर रूप से घायल (2 बच्चियों की हालत नाजुक)
फैक्ट्री संचालक का नाम मेहुल डोडिया (अवैध संचालन का आरोपी)
संबंधित पुलिस थाना आगरामोल पुलिस स्टेशन (प्राथमिकी दर्ज)
विधिक स्थिति लाइसेंस पहले ही रद्द, अवैध रूप से बारूद भंडारण का मामला

दो मासूम बच्चियों की हालत अत्यंत नाजुक, सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर पर

आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री के भीतर काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि इसकी चपेट में दो मासूम बच्चियां भी आ गईं, जो बुरी तरह झुलस गई हैं।

दोनों बच्चियों को तुरंत अहमदाबाद के सिविल अस्पताल (Civil Hospital Ahmedabad) में दाखिल कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों बच्चियों की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है और बर्न स्पेशलिस्ट्स की एक विशेष टीम चौबीसों घंटे उनकी निगरानी कर रही है।

आगरामोल पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज, फॉरेंसिक टीम करेगी जांच

हादसे की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग की 5 से अधिक बड़ी गाड़ियां और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंची थीं। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और जान जोखिम में डालकर फायर फाइटर्स ने आग पर पूरी तरह काबू पाया और मलबे से शवों व घायलों को बाहर निकाला।

घटना के तुरंत बाद पुलिस और जिला प्रशासन के आला अफसरों ने मैदानी मुआयना किया। इस मामले में आगरामोल पुलिस स्टेशन में संचालक मेहुल डोडिया व अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और अवैध रूप से विस्फोटक रखने की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कड़ा रुख:

“यह सीधे तौर पर आपराधिक लापरवाही का मामला है। जब फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द था, तो यह किसकी अनुमति या शह पर चल रही थी, इसकी गहराई से जांच की जा रही है। साक्ष्यों को जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी तैनात किया गया है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बनेगी।”

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