MP High Court: 96 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 1400 करोड़ रुपये का एरियर देने के आदेश; सरकार को अंशदान बहाल करने का निर्देश

Anuj Nirala

MP High Court: जबलपुर। मध्य प्रदेश की करीब 96 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लंबे इंतजार के बाद बड़ी कानूनी राहत मिली है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह करीब 1400 करोड़ रुपये का लंबित एरियर जल्द से जल्द जारी करे। इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार को पूर्व में कम किए गए अपने अंशदान (स्टेट कंट्रीब्यूशन) को भी दोबारा बहाल करने के आदेश दिए हैं।

हाईकोर्ट के इस फैसले से प्रदेशभर की हजारों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं में खुशी की लहर है, जो पिछले कई वर्षों से अपने बकाया भुगतान के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं।

क्या है पूरा मामला?

MP High Court: मामले की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी, जब केंद्र सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1,500 रुपये की बढ़ोतरी की थी। केंद्र के निर्णय के बाद कुछ समय तक बढ़ा हुआ मानदेय मिला, लेकिन बाद में मध्य प्रदेश सरकार ने अपने हिस्से का अंशदान कम कर दिया। इसके चलते कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलने वाले मानदेय में कमी आ गई।

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सरकार के इस फैसले का प्रदेशभर में विरोध हुआ। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संगठनों ने इसे कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की मांग की।

चार साल का मिलेगा बकाया एरियर

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वर्ष 2019 से 2023 तक का बकाया एरियर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह राशि करीब 1400 करोड़ रुपये है, जिसका लाभ प्रदेश की लगभग 96 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलेगा।

सरकार को अंशदान फिर से बहाल करने का निर्देश

MP High Court: कोर्ट ने केवल एरियर के भुगतान का ही आदेश नहीं दिया, बल्कि राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि वह अपने हिस्से का जो अंशदान पहले कम कर दिया गया था, उसे दोबारा बहाल करे। इससे भविष्य में कार्यकर्ताओं के मानदेय पर किसी प्रकार का प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।

ब्याज पर फिलहाल नहीं मिलेगी राहत

हालांकि हाईकोर्ट ने एरियर के भुगतान का रास्ता साफ कर दिया है, लेकिन 6 प्रतिशत ब्याज देने के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। यानी कार्यकर्ताओं को बकाया राशि तो मिलेगी, लेकिन उस पर ब्याज का लाभ अभी नहीं मिलेगा।

सिंगल बेंच के फैसले में हुआ संशोधन

MP High Court: इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को 120 दिनों के भीतर 6 प्रतिशत ब्याज सहित पूरा भुगतान करने के निर्देश दिए थे। अब डिवीजन बेंच ने एरियर और अंशदान बहाल करने के आदेश को बरकरार रखा है, लेकिन ब्याज संबंधी हिस्से पर रोक लगा दी है।

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हजारों परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

हाईकोर्ट के इस फैसले से प्रदेश की हजारों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को आर्थिक राहत मिलेगी। लंबे समय से लंबित भुगतान मिलने से उनके परिवारों को भी फायदा होगा। कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया है।

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