PNB Scam: नई दिल्ली/लंदन: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्य आरोपी और भारत के भगौड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी का भारत आने का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। नीरव मोदी प्रत्यर्पण से बचने के लिए लड़ी जा रही अपनी आखिरी कानूनी लड़ाई भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर हार गया है। यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स (ECHR) में अपील के तौर पर दायर की गई उसकी अंतिम याचिका भी पूरी तरह खारिज हो गई है, जिससे उसे वापस भारत लाने की उम्मीदों को बड़ी कामयाबी मिली है।
खत्म हुए बचने के सारे रास्ते, यूके सरकार बढ़ाएगी प्रक्रिया
प्राप्त दस्तावेजों और राजनयिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नीरव मोदी के पास अब भारत प्रत्यर्पण से बचने के लिए उपलब्ध सभी विधिक रास्ते पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं। यूनाइटेड किंगडम (UK) की सरकार भी अब उसे भारत सौंपने की प्रशासनिक और राजनयिक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है। अब केवल कुछ अंतिम प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होना बाकी रह गया है, जिसके बाद उसे किसी भी समय भारतीय जांच एजेंसियों के हवाले किया जा सकता है।
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यूके हाईकोर्ट ने भी नहीं दी थी राहत
इससे पहले, अप्रैल 2026 में यूके की हाईकोर्ट ने नीरव मोदी को प्रत्यर्पण के खिलाफ ऊपरी अदालत में चुनौती देने का अधिकार देने से साफ इनकार कर दिया था। उस दौरान ब्रिटिश अदालत ने भारत सरकार की तरफ से भारतीय जेलों (विशेषकर मुंबई की आर्थर रोड जेल) की सुरक्षा और मानवाधिकार स्थितियों के बारे में दिए गए आधिकारिक आश्वासनों और व्यवस्थाओं को पर्याप्त व संतोषजनक करार दिया था। यूके हाईकोर्ट के इसी कड़े रुख के बाद नीरव मोदी ने अपनी अंतिम उम्मीद के तौर पर स्ट्रासबर्ग स्थित यूरोपियन कोर्ट ऑफ Human Rights (ECHR) का रुख किया था, लेकिन वहां भी उसकी दलीलें काम नहीं आईं।
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मानवाधिकार अदालत ने प्रक्रिया को रखा था सीक्रेट
दिलचस्प बात यह है कि ECHR ने नीरव मोदी की इस याचिका और पूरी सुनवाई की प्रक्रिया को पूरी तरह गुप्त (सीक्रेट) रखा था। चूंकि स्ट्रासबर्ग में स्थित यह अंतरराष्ट्रीय अदालत अपने यहाँ लंबित संवेदनशील मामलों को सार्वजनिक नहीं करती है, इसलिए इस याचिका पर बेहद गोपनीय तरीके से विचार किया गया और अंततः इसे खारिज कर दिया गया।
मार्च 2019 से लंदन की जेल में बंद है नीरव मोदी
उल्लेखनीय है कि नीरव मोदी को मार्च 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह लगातार वहीं की वांड्सवर्थ (Wandsworth) जेल में न्यायिक हिरासत के तहत कैद है। उस पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिए करीब 14,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और अवैध धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के गंभीर आरोप हैं। भारत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को लंबे समय से उसकी तलाश है। कानूनी रास्ते से बचने के लिए नीरव मोदी लगातार ब्रिटिश अदालतों में भारत में प्रताड़ित किए जाने और मानवाधिकारों के हनन का झूठा हवाला दे रहा था, जिसे अंतरराष्ट्रीय अदालतों ने सिरे से खारिज कर दिया है।







