Indian Motors Raipur Fraud: रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कबीर नगर थाना क्षेत्र से व्यापारिक जगत में भरोसे को तार-तार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ स्थित एक प्रतिष्ठित ऑटो पार्ट्स दुकान के तीन कर्मचारियों पर ग्राहकों को सामान बेचने के बाद बिक्री की लाखों रुपये की रकम दुकान के खाते में जमा न कर खुद हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। कारोबारी की लिखित शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद कबीर नगर पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ अमानत में खयानत और धोखाधड़ी की विधिक धाराओं के तहत आपराधिक केस दर्ज कर लिया है।
8 महीने तक चलता रहा गबन का खेल, स्टॉक मिलान में खुली पोल
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, फेस-1 कबीर नगर के निवासी मोहम्मद अनवर क्षेत्र में ‘इंडियन मोटर्स ऑटो पार्ट्स’ नाम से एक दुकान का संचालन करते हैं। उन्होंने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनकी दुकान में कार्यरत तीन कर्मचारी— मोहम्मद फाजिल, सर्वर खान और कायनात पिछले लंबे समय से उनके विश्वास का गलत फायदा उठा रहे थे। इन तीनों ने मिलकर 11 मार्च 2025 से 5 नवंबर 2025 के बीच दुकान के मालिक की अनुपस्थिति या बिना जानकारी के अलग-अलग ग्राहकों को बड़ी मात्रा में ऑटो पार्ट्स बेचे। लेकिन शातिराना तरीके से इस बिक्री से प्राप्त हुई कुल 14 लाख 37 हजार 226 रुपये की नकदी को दुकान के गल्ले या बैंक खाते में जमा करने के बजाय आपस में बांटकर गबन कर लिया।
ऐसे सामने आई इतनी बड़ी वित्तीय विसंगति
मामले का खुलासा तब हुआ जब दुकान संचालक मोहम्मद अनवर ने अपने व्यवसाय की वित्तीय स्थिति का आकलन करने के लिए दुकान के भौतिक स्टॉक (Physical Stock), पुराने बिलों और नकदी के लेनदेन का आपस में मिलान (Audit) कराया। जब रिकॉर्ड्स की तुलना की गई तो पता चला कि बड़ी मात्रा में सामान गायब है, लेकिन उसके एवज में कोई रकम काउंटर पर जमा नहीं हुई थी। इस बड़ी वित्तीय विसंगति को देखकर जब कर्मचारियों से पूछताछ की गई तो वे कोई विधिक या तर्कसंगत जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद पीड़ित कारोबारी ने न्याय के लिए पुलिस की शरण ली।
दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने में लगी कबीर नगर पुलिस
शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। कबीर नगर पुलिस के जांच अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में दुकान के स्टॉक रजिस्टर, दैनिक बिक्री रिकॉर्ड, काटे गए बिल, कैश मेमो और बैंक खातों के स्टेटमेंट जैसे तमाम अहम दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर उनकी गहन विधिक फॉरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लेनदेन और दस्तावेजों के मिलान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपियों को समन जारी कर पूछताछ की जाएगी और विधिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।







