Chhattisgarh Guest Teachers: दुर्ग। छत्तीसगढ़ में संविलियन, समान वेतन और सेवा सुविधाओं की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों का आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। प्रांतीय अतिथि शिक्षक विद्यामितान कल्याण संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के विद्यामितान अतिथि शिक्षक अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर बैठ गए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले दुर्ग से शुरू हुआ यह आंदोलन अब कई जिलों तक फैल चुका है। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार कोई ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
12 वर्षों से पढ़ा रहे, फिर भी नहीं मिला नियमित कर्मचारी का दर्जा
Chhattisgarh Guest Teachers: आंदोलन कर रहे अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले करीब 12 वर्षों से बस्तर के सुदूर आदिवासी इलाकों से लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों के सरकारी स्कूलों में लगातार विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं। इसके अलावा उनसे स्कूलों में कई प्रशासनिक और विभागीय कार्य भी कराए जाते हैं।
शिक्षकों का आरोप है कि इतनी लंबी सेवा के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसा दर्जा नहीं मिला। वर्तमान में उन्हें करीब 20 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है, जो उनके अनुसार उनकी जिम्मेदारियों और कार्य के अनुरूप नहीं है।
क्या हैं अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगें?
हड़ताल पर बैठे शिक्षकों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—
- अतिथि शिक्षकों का संविलियन (नियमितीकरण) किया जाए।
- ‘समान कार्य, समान वेतन’ का सिद्धांत लागू किया जाए।
- नियमित शिक्षकों की तरह अवकाश, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्थायी नीति बनाई जाए।
1,500 से ज्यादा विद्यामितान हड़ताल पर
Chhattisgarh Guest Teachers: संघ के मुताबिक, प्रदेश में करीब 1,532 विद्यामितान अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। इन शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें आज भी अस्थायी कर्मचारी की तरह काम करना पड़ रहा है।शिक्षकों का कहना है कि उन्हें न तो चिकित्सा सुविधा मिलती है, न अवकाश का लाभ और न ही भविष्य की कोई सुरक्षा। ऐसे में अब आंदोलन ही उनके पास अंतिम विकल्प बचा है।
शिक्षा मंत्री से मुलाकात, फिर भी नहीं निकला समाधान
Chhattisgarh Guest Teachers: अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से भी मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने कई बार ज्ञापन सौंपे और अपनी समस्याएं बताईं, लेकिन अब तक कोई ठोस विभागीय निर्णय सामने नहीं आया।आंदोलनकारी शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें लगातार आश्वासन तो मिले, लेकिन उनकी मांगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया।
कांग्रेस ने आंदोलन को दिया समर्थन
Chhattisgarh Guest Teachers: अतिथि शिक्षकों के आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन भी मिल गया है। आंदोलन स्थल पर पहुंचे दुर्ग जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने विद्यामितान शिक्षकों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया था।उन्होंने कहा कि अब शिक्षक संविलियन की मांग कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री के गृह जिले में भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा।
स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ सकता है असर
Chhattisgarh Guest Teachers: अतिथि शिक्षकों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल का असर अब सरकारी स्कूलों में दिखाई देने लगा है। यदि आंदोलन लंबा चलता है, तो कई स्कूलों में पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।फिलहाल प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक अपनी मांगों पर अडिग हैं। वहीं सरकार की ओर से अब तक हड़ताल समाप्त कराने या मांगों पर किसी नए निर्णय की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस आंदोलन के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।







