VB-G Ram Ji Yojana CG: रायपुर/कबीरधाम: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई व सुदृढ़ गारंटी देने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण’ (वीबी-जी राम जी) योजना का आज राज्य स्तरीय भव्य शुभारंभ किया गया। कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में इस युगांतकारी योजना की शुरुआत की। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर इसका शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर किया।
मजदूरी बढ़कर हुई ₹300, 100 की जगह अब 125 दिन का काम
समारोह को संबोधित करते हुए पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को इस ऐतिहासिक सौगात की बधाई दी। इस योजना के लागू होने से अब मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में मिलने वाले 100 दिनों के रोजगार की सीमा को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही अकुशल श्रमिकों के लिए दैनिक मजदूरी की दर को भी 261 रुपये से बढ़ाकर सीधा 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है, जो ग्रामीण मजदूरों के आर्थिक सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित होगा।
अब ‘जॉब कार्ड’ की जगह मिलेगा ‘जीआरजी कार्ड’
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने एक बड़ी प्रशासनिक तब्दीली की घोषणा करते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत अब पारंपरिक जॉब कार्ड के स्थान पर नया ‘जीआरजी (GRG) कार्ड’ जारी किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि जॉब कार्ड की ई-केवाईसी (e-KYC) कराने के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है।
जल संरक्षण और अधोसंरचना के 318 कार्य शामिल; छत्तीसगढ़ को मिले ₹3,300 करोड़
इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य को 3,300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। योजना के दायरे में कुल 318 प्रकार के विकास कार्यों को समाहित किया गया है, जिसमें:
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जल संरक्षण: डबरी, चेकडैम, वर्षा जल संचयन और नहर लाइनिंग जैसे 107 कार्य।
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ग्रामीण अधोसंरचना: ग्रामीण धरसा सड़क, मुरमीकरण और अटल डिजिटल सेवा केंद्र जैसे 90 कार्य।
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आजीविका संवर्धन: स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, सामुदायिक आटा चक्की और कृषि प्रसंस्करण जैसे 86 कार्य।
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आपदा प्रबंधन: ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा से जुड़े 35 कार्य शामिल हैं।

गंडईखुर्द बनी प्रदेश की पहली डिजिटल और हरित पंचायत
इस राज्य स्तरीय समारोह के दौरान गंडईखुर्द छत्तीसगढ़ की पहली ऐसी ग्राम पंचायत बन गई है, जहाँ इस योजना के तहत पहले विकास कार्य (शेड निर्माण प्रस्ताव) को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। योजना की शुरुआत के अवसर पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर गांव का संदेश दिया। साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृहद स्तर पर पौधरोपण भी किया गया। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए गांवों को ए, बी और सी श्रेणी में बांटकर योजनाबद्ध तरीके से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।







