Nalanda Parisar Kunkuri: जशपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य के युवाओं को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित सलियाटोली में 4.37 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 250 सीटर सर्वसुविधायुक्त और अत्याधुनिक ‘नालंदा परिसर’ का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा 21 जून 2025 को भूमिपूजन किए गए इस ड्रीम प्रोजेक्ट का उद्देश्य सुदूर वनांचल के विद्यार्थियों को बेहद आधुनिक, तकनीक-आधारित और अंतरराष्ट्रीय स्तर का शांत शैक्षणिक माहौल प्रदान करना है।
जिला मुख्यालयों की तर्ज पर कुनकुरी में भी खुलेगा ज्ञान का द्वार
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को लेकर कहा है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर देने के लिए राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले के अंतर्गत न केवल जिला मुख्यालय बल्कि कुनकुरी के सलियाटोली में भी इस आधुनिक परिसर का निर्माण हो रहा है। सबसे खास बात यह है कि यह सर्वसुविधायुक्त परिसर विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन (24/7) खुला रहेगा, जिससे छात्र अपनी सहूलियत के अनुसार रात-दिन कभी भी पढ़ाई कर सकेंगे।
‘ओजोन और ग्रीन एनर्जी’ की अनूठी अवधारणा
इस परिसर को पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल (Eco-Friendly) और आधुनिक आर्किटेक्चर के साथ डिजाइन किया जा रहा है। यहां इंडोर स्टडी टेबल के साथ-साथ प्राकृतिक वातावरण के बीच पढ़ाई करने के लिए विशेष ‘ऑक्सी रीडिंग जोन’ विकसित किया जा रहा है। ऊर्जा की बचत के लिए पूरा भवन सौर ऊर्जा (Solar Energy) संचालित होगा और परिसर के चारों ओर 50 से अधिक देशी पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, युवाओं की ओवरऑल फिटनेस और सहूलियत के लिए कैंपस में यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम (ATM) और हेल्थ जोन भी बनाए जा रहे हैं।
50 हजार किताबें और RFID तकनीक से लैस होगी सुरक्षा
नालंदा परिसर की मुख्य लाइब्रेरी में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की 50 हजार से अधिक मूल्यवान पुस्तकें उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही छात्रों को हाई-स्पीड वाई-फाई, ई-लर्निंग रिसोर्सेज और डिजिटल लाइब्रेरी का एक्सेस मिलेगा। परिसर के भीतर सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) आधारित स्मार्ट प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान और आधुनिक सॉफ्टवेयर आधारित पुस्तक प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी। यह परिसर निश्चित रूप से जशपुर और कुनकुरी संभाग के प्रतिभावान युवाओं के सपनों को उड़ान देने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।







