Anganwadi Accident: जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अंतर्गत ग्राम हाथिटिकरा से एक बेहद डरावनी और शासकीय लापरवाही को उजागर करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ स्थित एक शासकीय आंगनबाड़ी केंद्र में सोमवार सुबह-सुबह एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते बाल-बाल टल गया। केंद्र के मुख्य कमरे की छत का भारी-भरकम प्लास्टर अचानक भरभराकर सीधे जमीन पर आ गिरा।
गनीमत और विधिक रूप से बड़ी राहत की बात यह रही कि जिस वक्त यह गंभीर घटना घटित हुई, उस समय आंगनबाड़ी केंद्र में मासूम बच्चे दाखिल नहीं हुए थे, अन्यथा एक बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था। इस अचानक हुई घटना से केंद्र में तैनात महिला कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है।
बच्चों के आगमन से ठीक पहले हुआ हादसा, दहल उठीं कार्यकर्ता और सहायिका
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हाथिटिकरा गांव के इस आंगनबाड़ी केंद्र में रोजमर्रा की भांति नौनिहालों के आने का समय तय था। बच्चों के आगमन से ठीक पहले केंद्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका परिसर को खोलने के बाद दैनिक विसर्जन और आवश्यक तैयारियों में जुटी हुई थीं। इसी दौरान अचानक छत से गड़गड़ाहट की आवाज आई और एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया।
धमाके की तेज आवाज सुनकर पास के कमरे में काम कर रही कार्यकर्ता और सहायिका तुरंत मौके पर पहुंचीं, जहां चारों तरफ सीमेंट और कंक्रीट का मलबा बिखरा पड़ा था। इस भयावह नजारे को देखकर पूरे परिसर और आसपास के विधिक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।
घटिया निर्माण और प्रशासनिक निरीक्षण पर उठे गंभीर सवाल, अभिभावकों में रोष
इस आकस्मिक घटना ने महिला एवं बाल विकास विभाग के दावों और सरकारी भवनों के निर्माण की विधिक गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और पालकों का विधिक रूप से आरोप है कि क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कभी भी इन जर्जर भवनों का भौतिक सत्यापन या तकनीकी निरीक्षण नहीं किया जाता है।
अधिकारियों की इसी घोर लापरवाही के कारण आज मासूम बच्चों की जान दांव पर लग गई थी। घटना के बाद से अपने बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने वाले स्थानीय अभिभावकों में गहरी चिंता और गहरा प्रशासनिक रोष व्याप्त है।
मलबे की सफाई के बाद शुरू हो सकी व्यवस्था, विधिक जांच की उठ रही मांग
हादसे के बाद डरी-सहमी महिला कर्मियों ने स्थानीय नागरिकों की मदद से कमरे के भीतर गिरे भारी मलबे की सफाई कराई और इसकी सूचना विभाग के उच्चाधिकारियों को विधिक माध्यम से प्रेषित की।
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन जांजगीर-चांपा से मांग की है कि इस घटिया निर्माण और मरम्मत कार्य की विधिक रूप से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, जिले के समस्त संवेदनशील और जर्जर आंगनबाड़ी भवनों का समय रहते सुरक्षा ऑडिट कराया जाए ताकि भविष्य में हमारे देश के भविष्य (मासूम बच्चों) के साथ ऐसा कोई जानलेवा विधिक समझौता न हो सके।







