Khandwa Forest Attack: रामचंद्र कासडे/ खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के गुड़ी फॉरेस्ट रेंज के आमाखुजरी जंगल में अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर रविवार दोपहर बड़ा हमला हो गया। अतिक्रमणकारियों ने लाठी-डंडों, पत्थरों और गोफन से हमला कर दिया, जिसमें कुल 8 वनकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए खंडवा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला
Khandwa Forest Attack: जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीम जंगल क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए पहुंची थी। इसी दौरान वहां मौजूद अतिक्रमणकारियों ने अचानक विरोध शुरू कर दिया और वनकर्मियों पर हमला कर दिया। हमले में कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया।
10 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज
Khandwa Forest Attack: एसपी अगम जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना पीपलोद क्षेत्र में 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर शासकीय कार्य में बाधा, बलवा, शासकीय कर्मचारियों पर हमला और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।इसके अलावा वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर और एसपी पहुंचे अस्पताल
Khandwa Forest Attack: घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ऋषभ गुप्ता और एसपी अगम जैन जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल वनकर्मियों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए।सिविल सर्जन डॉ. कौशल को भी आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई के संकेत
Khandwa Forest Attack: DFO राकेश डामोर ने कहा है कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्थिति में अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रणनीति तैयार कर ली है।वन विभाग और जिला प्रशासन अब जेसीबी मशीनों, पुलिस बल और संयुक्त टीम के सहयोग से बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की योजना पर काम कर रहा है।
इलाके में बढ़ी निगरानी
Khandwa Forest Attack: घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार निगरानी रख रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







