Sunday, September 27, 2026
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Power Crisis: जांजगीर-चांपा में बिजली संकट पर हाहाकार: कुटरा गांव में 3 महीने से खराब है ट्रांसफार्मर; ग्रामीणों ने जांजगीर-पामगढ़ मुख्य मार्ग पर किया उग्र चक्काजाम

Power Crisis: जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के कुटरा गांव में पिछले तीन महीनों से बिजली आपूर्ति ठप होने और जले हुए ट्रांसफार्मर को न बदले जाने से नाराज ग्रामीणों का धैर्य अंततः टूट गया। भीषण गर्मी और उमस के बीच अंधेरे में रहने को मजबूर सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों का गुस्सा आज अचानक फूट पड़ा।

अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जांजगीर-पामगढ़ मुख्य मार्ग पर विधिक रूप से चक्काजाम कर दिया। सड़क के बीचोबीच ग्रामीणों के बैठने के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।

कई शिकायतों के बाद भी सोता रहा बिजली विभाग, ग्रामीणों ने लगाया घोर लापरवाही का आरोप

आक्रोशित ग्रामीणों का विधिक आरोप है कि पिछले 3 महीनों से गांव का ट्रांसफार्मर पूरी तरह से जला और खराब पड़ा हुआ है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा विद्युत मंडल (बिजली विभाग) के स्थानीय कार्यालय से लेकर उच्चाधिकारियों तक लिखित और मौखिक रूप से कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं।

इसके विपरीत, विभाग के गैर-जिम्मेदाराना रवैये और उदासीनता के कारण अब तक इस पर कोई सुधारात्मक विधिक कार्रवाई नहीं की गई। गांव में बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति से लेकर बच्चों की पढ़ाई और खेती-किसानी के कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।

मुख्य मार्ग पर चक्काजाम से मची अफरा-तफरी, मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम

व्यस्ततम जांजगीर-पामगढ़ मुख्य मार्ग पर अचानक हुए इस चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों तरफ यात्री बसों, कमर्शियल ट्रकों और निजी वाहनों के पहिये थम गए, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

तनाव और चक्काजाम की विधिक सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम दलबल के साथ तत्काल मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल का विधिक निरीक्षण किया और आंदोलनकारी ग्रामीणों को समझाने-बुझाने की विसर्जन प्रक्रिया शुरू की।

ट्रांसफार्मर बदलने और बिजली बहाल करने की मांग पर अड़े ग्रामीण, दी चेतावनी

प्रशासनिक समझाइश और आश्वासन के बावजूद आंदोलनकारी ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर मौके पर ही अड़े रहे। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक मौके पर नया ट्रांसफार्मर लाकर उसे स्थापित करने और गांव की बिजली व्यवस्था को विधिक रूप से पूरी तरह बहाल करने की ठोस समय-सीमा तय नहीं की जाती, तब तक वे चक्काजाम समाप्त नहीं करेंगे।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा स्थिति को नियंत्रण में लेने और बिजली विभाग के वरिष्ठ अभियंताओं को तत्काल नया ट्रांसफार्मर भेजने हेतु विधिक रूप से निर्देशित करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

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