Labour Safety First: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। जिला पुलिस मुख्यालय रायगढ़ द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूंजीपथरा क्षेत्र के ग्राम चिराईपानी स्थित ‘ओम श्री रूपेश स्टील कंपनी’ में हुए दर्दनाक लेबर क्वार्टर हादसे में पुलिस ने बड़ी विधिक कार्रवाई की है। मर्ग जांच के दौरान कंपनी प्रबंधन की घोर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के पुख्ता तथ्य उजागर होने के बाद पुलिस ने कंपनी के दोनों मालिकों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज कर लिया है।
इस संवेदनशील मामले में रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि श्रमिकों की सुरक्षा से समझौता करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आंधी-तूफान में ढह गई थी बाउंड्री वॉल, मलबे में दबने से एक महिला श्रमिक की हुई थी मौत
विधिक जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा बीते 18 जून 2026 को क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के दौरान घटित हुआ था। तेज हवाओं के कारण कंपनी परिसर के समीप स्थित एक भारी-भरकम बाउंड्री वॉल अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे पास में ही बना लेबर क्वार्टर पूरी तरह मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।
इस आकस्मिक विभीषिका में वहां रह रहे श्रमिक रंभा यादव, सुनील परमार और उनकी पत्नी रिंकी डेलकी मलबे के नीचे बुरी तरह दब गए थे। तीनों पीड़ितों को तत्काल मलबे से रेस्क्यू कर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान 30 वर्षीय महिला श्रमिक रंभा यादव (निवासी पहाड़ लुडेग, थाना लैलूंगा) ने दम तोड़ दिया, जबकि अन्य दो मजदूर गंभीर रूप से घायल होकर अब भी उपचाराधीन हैं।
मर्ग जांच में खुली प्रबंधन की पोल, बिना विधिक मापदंडों के हुआ था लेबर क्वार्टर का निर्माण
घटना के तत्काल बाद थाना पूंजीपथरा में दर्ज मर्ग क्रमांक 41/2026 की विस्तृत और तकनीकी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि ओम श्री रूपेश स्टील कंपनी के संचालक दयानंद अग्रवाल एवं शंकर अग्रवाल द्वारा अपने क्रेशर प्लांट के भीतर भारी विधिक लापरवाही बरती गई थी।
दोनों संचालकों ने ‘महालक्ष्मी कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड’ की बाउंड्री वॉल से बिल्कुल सटाकर और किसी भी आवश्यक सुरक्षा मानकों व तकनीकी मापदंडों का पालन किए बिना ही इस लेबर क्वार्टर का अवैध व कमजोर निर्माण करवा दिया था। यही कारण है कि प्रारंभिक जांच में ही निर्माण कार्य में बरती गई यह जानलेवा लापरवाही खुलकर सामने आ गई।
बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध, रायगढ़ एसएसपी ने दी कठोर विधिक कार्रवाई की चेतावनी
प्रारंभिक जांच में लापरवाही के अकाट्य साक्ष्य मिलने के बाद पूंजीपथरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 148/2026 के तहत कंपनी के दोनों संचालकों (दयानंद अग्रवाल और शंकर अग्रवाल) के विरुद्ध धारा 106(1) एवं 125(ए) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विस्तृत विवेचना प्रारंभ कर दी है।
मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने अपने विशेष संदेश में कहा कि, “श्रमिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। सुरक्षा मानकों की जानबूझकर अनदेखी कर मजदूरों के बहुमूल्य जीवन को खतरे में डालने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस कानून के दायरे में पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं कठोरतम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।” वर्तमान में पुलिस द्वारा प्रकरण के सभी तकनीकी व वैधानिक पहलुओं की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है।







