Amarnath Yatra 2026 Guide: नई दिल्ली। देश की सबसे पवित्र तीर्थ यात्राओं में शामिल अमरनाथ यात्रा 2026 का इंतजार खत्म होने वाला है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। इस साल भी यात्रा 57 दिनों तक चलेगी। यदि आप भी अमरनाथ यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा की तारीख, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, हेल्थ गाइडलाइन्स और यात्रा मार्ग से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी पहले जान लें।
Amarnath Yatra 2026 Guide: कब शुरू होगी अमरनाथ यात्रा 2026?
Amarnath Yatra 2026 Guide: श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अनुसार, अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 (शुक्रवार) से शुरू होगी। यह दिन आषाढ़ कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि का है। यात्रा का समापन 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन होगा। इस बार यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी।
Amarnath Yatra 2026 Guide: अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
Amarnath Yatra 2026 Guide: अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है। श्रद्धालु श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक समेत 550 से अधिक अधिकृत बैंक शाखाओं में भी ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
Amarnath Yatra 2026 Guide: श्राइन बोर्ड के अनुसार, रजिस्ट्रेशन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाता है। 3 जुलाई से दोबारा रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 12 अगस्त तक जारी रहेगी।
Amarnath Yatra 2026 Guide: कौन कर सकता है अमरनाथ यात्रा?
Amarnath Yatra 2026 Guide: अमरनाथ की पवित्र गुफा समुद्र तल से लगभग 14,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। कठिन चढ़ाई को देखते हुए केवल 13 से 70 वर्ष तक के श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जाती है। इससे कम या अधिक उम्र के लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं मिलती।
Amarnath Yatra 2026 Guide: हेल्थ सर्टिफिकेट क्यों है जरूरी?
Amarnath Yatra 2026 Guide: यात्रा पर जाने वाले हर श्रद्धालु के लिए अधिकृत डॉक्टर या मान्यता प्राप्त मेडिकल संस्थान से स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र (Compulsory Health Certificate) लेना अनिवार्य है। यह प्रमाण-पत्र 8 अप्रैल 2026 के बाद जारी होना चाहिए। स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र के सत्यापन के बाद ही यात्रा परमिट जारी किया जाता है।
Amarnath Yatra 2026 Guide: अमरनाथ यात्रा के दो प्रमुख मार्ग
अमरनाथ यात्रा के लिए दो रास्ते निर्धारित किए गए हैं।
पहला मार्ग पहलगाम रूट है, जिसकी लंबाई करीब 48 किलोमीटर है। यह अपेक्षाकृत आसान माना जाता है और अधिकतर श्रद्धालु इसी रास्ते से यात्रा करते हैं।
दूसरा मार्ग बालटाल रूट है, जो करीब 14 किलोमीटर लंबा है। यह दूरी कम जरूर है, लेकिन चढ़ाई काफी कठिन होने के कारण इस मार्ग पर केवल शारीरिक रूप से फिट श्रद्धालुओं को जाने की सलाह दी जाती है।
Amarnath Yatra 2026 Guide: यात्रा परमिट और RFID कार्ड
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को यात्रा परमिट और RFID कार्ड दिया जाता है। यात्रा परमिट में यात्रा की तारीख, मार्ग, रिपोर्टिंग समय और एंट्री गेट जैसी जानकारी होती है। वहीं RFID कार्ड के जरिए यात्रियों की लोकेशन ट्रैक की जाती है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
Amarnath Yatra 2026 Guide: यात्रियों को मिलेगा 10 लाख रुपये का बीमा
अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक पंजीकृत श्रद्धालु को 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा दिया जाएगा। यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधाओं के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
Amarnath Yatra 2026 Guide: हेलीकॉप्टर की सुविधा भी उपलब्ध
जो श्रद्धालु पैदल यात्रा नहीं करना चाहते, उनके लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध रहेगी। इसकी बुकिंग पहले से श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जा सकती है।
Amarnath Yatra 2026 Guide: यात्रा पर जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
-महिलाएं यात्रा के दौरान साड़ी की बजाय सलवार-कमीज, ट्रैक सूट या पैंट-शर्ट पहनें।
– छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं है।
– यात्रा के दौरान केवल मजबूत लेस वाले ट्रेकिंग शूज पहनें।
– किसी भी स्थिति में शॉर्टकट रास्तों का इस्तेमाल न करें।
– केवल निर्धारित मार्ग पर ही यात्रा करें और चेतावनी वाले स्थानों पर रुकने से बचें।
-सहायता के लिए संपर्क
यात्रा से जुड़ी किसी भी जानकारी या सहायता के लिए श्रद्धालु जम्मू और श्रीनगर स्थित कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबरों या टोल-फ्री नंबर 180018071987 और 18001807199 पर संपर्क कर सकते हैं।
हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के अमरनाथ पहुंचने की उम्मीद है। सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए श्राइन बोर्ड द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।







