Mission Vatsalya: जांजगीर-चांपा में पुलिस का विशेष मंथन: पांच महत्वपूर्ण डिजिटल पोर्टल्स पर दिया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण

Mission Vatsalya: गौरी शंकर गुप्ता/जांजगीर-चांपा। जिला पुलिस मुख्यालय जांजगीर में तकनीक आधारित, पारदर्शी और जनोन्मुखी पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के कुशल निर्देशन में शनिवार, 27 जून 2026 को पुलिस लाइन जांजगीर के सभाकक्ष में एक दिवसीय विशेष तकनीकी कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण में जिले के सभी थाना व चौकी प्रभारियों, विवेचकों, रीडर्स और सीसीटीएनएस (CCTNS) आरक्षकों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला के दौरान पुलिसिंग को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पांच प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स—eDAR, ई-साक्ष्य, पीएम राहत योजना, सीएम हेल्पलाइन 1076 और मिशन वात्सल्य के प्रभावी व विधिसम्मत उपयोग की कूटनीतिक बारीकियां सिखाई गईं।

eDAR पोर्टल: सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को 48 घंटे में मिलेगा डिजिटल न्याय

कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) उदयन बेहार ने eDAR (Electronic Detailed Accident Report) पोर्टल के संबंध में अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अब सड़क हादसों के पीड़ितों को क्लेम और कागजी कार्रवाई के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दुर्घटना के महज 48 घंटे के भीतर संबंधित एफआईआर (FIR), घटनास्थल के फोटो, पंचनामा, और पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट समेत सभी आवश्यक कानूनी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह डेटा सीधे न्यायालय, बीमा कंपनियों और परिवहन विभाग को रियल-टाइम में फॉरवर्ड होगा, जिससे पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलने की समय-सीमा आधी रह जाएगी। एएसपी ने समयबद्ध प्रविष्टि न करने वाले लापरवाह कर्मचारियों पर सीधी जवाबदेही तय करने की कड़ी चेतावनी भी दी।

ई-साक्ष्य और सीएम हेल्पलाइन 1076: पारदर्शी विवेचना और त्वरित शिकायत निवारण

आधुनिक कानून के अनुरूप पुलिस विवेचकों को ‘ई-साक्ष्य’ प्रणाली का विधिसम्मत प्रशिक्षण दिया गया। इसके तहत डिजिटल साक्ष्यों (जैसे ऑडियो-वीडियो क्लिप्स, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड) के वैज्ञानिक संग्रहण, सुरक्षित संरक्षण, दस्तावेजीकरण और न्यायालयीन साक्ष्य के रूप में उनके सटीक प्रस्तुतीकरण पर विशेष बल दिया गया, ताकि पुलिस की जांच को कोर्ट में अकाट्य बनाया जा सके।

इसके साथ ही, सीएम हेल्पलाइन 1076 के तहत प्राप्त होने वाली जन-शिकायतों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे हर शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर शिकायतकर्ता से सीधा संवाद स्थापित करें। निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण निराकरण दर्ज करना अब सभी थाना प्रभारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति आम नागरिकों का भरोसा और मजबूत हो सके।

मिशन वात्सल्य और पीएम राहत योजना: कमजोर वर्गों और बच्चों को सुरक्षा कवच

सत्र के अंतिम चरण में ‘मिशन वात्सल्य’ और ‘प्रधानमंत्री राहत योजना’ के लोक-कल्याणकारी उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। मिशन वात्सल्य पोर्टल के माध्यम से जिले के बेसहारा, गुमशुदा, बालश्रम से त्रस्त या संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की विस्तृत केस हिस्ट्री तत्काल दर्ज की जाएगी, ताकि उन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समन्वय से स्पॉन्सरशिप, शासकीय दत्तक ग्रहण और पुनर्वास योजनाओं का त्वरित लाभ मिल सके।

वहीं, गंभीर अपराधों या सड़क हादसों से प्रभावित पात्र परिवारों को ‘पीएम राहत योजना’ के तहत तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान करने की समयबद्ध प्रक्रियाओं को रेखांकित किया गया। इस वृहद् कार्यशाला के आयोजन से जांजगीर-चांपा पुलिस तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और संवेदनशील होकर जनसेवा के नए प्रतिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर हुई है।

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