CM Mohan Yadav Land Issue: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़े कथित जमीन मामलों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। राजधानी भोपाल में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी मूल मुद्दे का जवाब देने के बजाय चर्चा को भटकाने की कोशिश कर रही है।
CM Mohan Yadav Land Issue: उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े कथित जमीन सौदों को लेकर सवाल उठाए हैं, इसलिए सरकार को तथ्यों और दस्तावेजों के साथ जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मुद्दे का सीधा जवाब देने से बच रही है।
‘भाजपा मुद्दे से ध्यान भटका रही है’
CM Mohan Yadav Land Issue: नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा राजनीतिक बयानबाजी कर रही है। उनका कहना था कि यह मामला मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़ा है, इसलिए पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।हालांकि, भाजपा पहले ही इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर चुकी है और कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
निर्मला सप्रे मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस
CM Mohan Yadav Land Issue: उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे प्रकरण पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा था और सभी आवश्यक दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत किए थे।उन्होंने दावा किया कि प्रस्तुत दस्तावेजों से यह साबित होता है कि निर्मला सप्रे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो चुकी हैं, लेकिन हाईकोर्ट का फैसला कांग्रेस की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा।
‘हाईकोर्ट का फैसला अजीब, अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे’
उमंग सिंघार ने कहा,
“CM Mohan Yadav Land Issue: हमने हाईकोर्ट में सभी दस्तावेज और साक्ष्य दिए थे। हमें लगता है कि हमारा पक्ष मजबूत था, लेकिन न्यायालय का निर्णय हमारे लिए आश्चर्यजनक रहा। अब कांग्रेस इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।”उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मामले में कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।
प्रदेश की राजनीति में बना हुआ है बड़ा मुद्दा
CM Mohan Yadav Land Issue: मुख्यमंत्री से जुड़े कथित जमीन विवाद और निर्मला सप्रे प्रकरण को लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार गर्म बनी हुई है। एक ओर कांग्रेस सरकार से जवाब मांग रही है, वहीं भाजपा सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर रही है। आने वाले दिनों में इन दोनों मामलों पर राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।







