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Bandhavgarh Tiger Reserve: महुआ बीनने गए बुजुर्ग पर बाघ का जानलेवा हमला, लावारिस जूतों से खुला मौत का राज

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Bandhavgarh Tiger Reserve: उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रिजर्व के पनपथा बफर जोन में बाघ के हमले से एक और ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र में बने इस तनावपूर्ण माहौल और ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए एहतियात के तौर पर मौके पर भारी पुलिस बल और वन अमले को तैनात कर दिया गया है।

झाड़ियों में छिपे बाघ ने बुजुर्ग पर किया अचानक हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पनपथा बफर जोन के अंतर्गत आने वाले ग्राम चंसुरा के रहने वाले 60 वर्षीय बुजुर्ग अन्नू रजक रोज की तरह सुबह-सुबह महुआ बीनने के लिए जंगल गए थे। वे जंगल के भीतर पेड़ के नीचे से महुआ चुन ही रहे थे कि तभी वहां झाड़ियों में घात लगाकर छिपे एक बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। बाघ का यह हमला इतना तेज और अप्रत्याशित था कि बुजुर्ग अन्नू रजक को संभलने या शोर मचाने का मौका तक नहीं मिल सका। बाघ ने मौके पर ही उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।

लावारिस हालत में मिले जूतों ने खोला अनहोनी का राज

बुजुर्ग अन्नू रजक जब दोपहर तक काफी देर होने के बाद भी अपने घर वापस नहीं लौटे, तो परिजनों और गाँव के लोगों को किसी अनहोनी की चिंता सताने लगी। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी और खुद भी जंगल की ओर तलाश करने निकले। जंगल में सघन खोजबीन के दौरान वन विभाग की रेस्क्यू टीम को एक स्थान पर लावारिस हालत में पड़े हुए जूते मिले। इन जूतों को देखते ही परिजनों की आशंका और गहरी हो गई कि बुजुर्ग किसी हिंसक वन्यजीव के शिकार हो चुके हैं।

पालतू हाथियों की मदद से खोजा गया क्षत-विक्षत शव

जूते मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत विभागीय पालतू हाथियों की मदद लेने का फैसला किया। घने जंगल और हिंसक बाघ की मौजूदगी को देखते हुए हाथियों के जरिए एक बड़ा सर्चिंग ऑपरेशन शुरू किया गया। हाथियों पर सवार होकर जब टीम जंगल के और अंदर पहुंची, तो झाड़ियों के बीच से बुजुर्ग अन्नू रजक का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।

ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति फूटा भारी गुस्सा

इस दर्दनाक घटना की खबर जैसे ही चंसुरा और उसके आसपास के अन्य गांवों में फैली, वैसे ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और उनका गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार बाघों का मूवमेंट और रिहायशी इलाकों के पास उनके हमले बढ़ रहे हैं। बार-बार शिकायत करने के बाद भी वन विभाग वन्यप्राणियों को रोकने या ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

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VIKASH KHALKHO
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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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