Collectorate Protest: धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में दो अलग-अलग प्रमुख मांगों को लेकर आज कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। एक ओर जहाँ बड़ी संख्या में अशासकीय शिक्षकों ने स्कूलों में समय पर किताबें न मिलने के विरोध में कलेक्ट्रेट का घेराव किया। वहीं दूसरी ओर, प्रदेश मितानिन संघ के बैनर तले सैकड़ों मितानिनों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। दोनों ही संगठनों ने प्रशासन को कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में प्रदेश स्तर पर एक बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों की भारी कमी से भड़के अशासकीय शिक्षक
जिले भर से पहुंचे सैकड़ों अशासकीय शिक्षक बड़ी संख्या में आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। शिक्षकों का साफ आरोप है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए काफी समय बीत चुका है। इसके बावजूद पाठ्यपुस्तक निगम की ओर से अब तक स्कूलों में आवश्यक किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इस लापरवाही के कारण सीधे तौर पर स्कूली विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसी समस्या को लेकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और पाठ्यपुस्तक निगम के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी जताई।
मांगें पूरी नहीं होने पर रायपुर मुख्य कार्यालय के घेराव की चेतावनी
अशासकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि पर्याप्त पुस्तकें न होने से बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। उन्होंने मांग की कि पाठ्यपुस्तक निगम बिना किसी देरी के सभी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में किताबें भिजवाना सुनिश्चित करे। इसके साथ ही, संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी इस जरूरी मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे प्रदेश स्तर पर मोर्चा खोलेंगे। इसके तहत रायपुर स्थित पाठ्यपुस्तक निगम के मुख्य कार्यालय का भी घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा।
तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सैकड़ों मितानिनों ने भी खोला मोर्चा
शिक्षकों के प्रदर्शन के साथ ही प्रदेश मितानिन संघ के बैनर तले भी जिले भर से आई सैकड़ों मितानिनों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान मितानिनों ने शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। मितानिनों की प्रमुख मांगों में एमटी, बीसी और एचएफ को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविलियन करना शामिल है। इसके अलावा वे अपने क्षतिपूर्ति मानदेय में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने और स्वास्थ्य सेवाओं में ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग कर रही हैं।
चुनावी गारंटियां याद दिलाकर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
प्रदर्शनकारी मितानिनों ने कहा कि उनकी ये सभी मांगें चुनाव के दौरान सरकार द्वारा दी गई गारंटियों में प्रमुखता से शामिल थीं। हालांकि, सरकार बनने के बाद भी अब तक इन वादों को पूरा नहीं किया गया है। इसी वादाखिलाफी के विरोध में आज पूरे धमतरी जिले में यह प्रदर्शन किया गया है। मितानिनों ने कलेक्टर के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजकर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। परिणामस्वरूप, प्रशासन ने दोनों ही पक्षों को आश्वस्त किया है कि उनकी जायज मांगों को उचित कार्रवाई के लिए आगे शासन तक भेजा जा रहा है।







