Tuesday, August 25, 2026
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Corruption Free CG: छत्तीसगढ़ में एसीबी (ACB) का महा-एक्शन: मनेंद्रगढ़ और बेमेतरा में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार; बिजली विभाग के जेई, लाइनमैन और पटवारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

Bemetara CMHO:
Bemetara CMHO:

Corruption Free CG: मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ शासन के भ्रष्टाचार विरोधी विधिक प्रभाग एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सूबे के दो अलग-अलग जिलों में समानांतर रूप से बड़ी विधिक ट्रैप कार्रवाइयों को अंजाम देकर सरकारी विभागों में पसरी रिश्वतखोरी के सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। एसीबी की विशेष टीमों ने मनेंद्रगढ़ में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के कार्यालय और बेमेतरा जिले के साजा ब्लॉक में छापामार कार्रवाई करते हुए कुल तीन शासकीय सेवकों को जनता से मोटी रकम ऐंठते हुए रंगे हाथों (Red Handed) गिरफ्तार किया है। इस दोहरे बड़े एक्शन के बाद से ही दोनों जिलों के संबंधित प्रशासनिक विभागों और दफ्तरों में भारी हड़कंप व अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त है। सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दंडात्मक प्रकरण दर्ज कर विधिक कस्टडी में ले लिया गया है।

पहला एक्शन (मनेंद्रगढ़): 5 HP मोटर कनेक्शन के बदले मांग रहे थे घूस; जेई मनीष बजाज और लाइनमैन गिरफ्तार

एसीबी मुख्यालय से प्राप्त आधिकारिक विधिक विवरण के अनुसार, पहली बड़ी कार्रवाई मनेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय स्थित छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कस्टमाइज्ड सब-डिवीजन कार्यालय में संपन्न हुई।

  • शिकायत का आधार: एक स्थानीय पीड़ित उपभोक्ता ने एसीबी को लिखित विधिक शिकायत दी थी कि उसे अपने कृषि/व्यावसायिक कार्य हेतु 5 एचपी (HP) मोटर के नए विद्युत कनेक्शन की आवश्यकता थी। इस विधिक कार्य को करने के एवज में कार्यालय के कनिष्ठ अभियंता (Junior Engineer) मनीष बजाज और लाइनमैन राकेश शुक्ला द्वारा लगातार चक्कर कटवाए जा रहे थे और ₹10,000 की अवैध रिश्वत की मांग की जा रही थी।

  • ट्रैप का जाल: एसीबी की तकनीकी टीम ने प्राथमिक जांच में शिकायत को सही पाया और विधिक रूप से केमिकल युक्त नोटों की व्यवस्था कर योजना तैयार की। टीम ने पीड़ित को ₹9,500 की विधिक राशि देकर संबंधित बिजली कार्यालय भेजा। जैसे ही शिकायतकर्ता ने यह राशि कनिष्ठ अभियंता मनीष बजाज और लाइनमैन राकेश शुक्ला को सौंपी, ठीक उसी समय घात लगाकर बैठी एसीबी की विशेष टीम ने दफ्तर के भीतर दबिश देकर दोनों ही आरोपियों को रंगे हाथों विधिक कस्टडी में ले लिया। टीम ने तत्काल उनके हाथ धुलवाए, जिससे केमिकल के विधिक साक्ष्य प्रमाणित हो गए।

दूसरा एक्शन (बेमेतरा): किसान से जमीन के काम के बदले 30 हजार का सौदा; पटवारी ओंकार सुनवानी रंगे हाथों धरे गए

एसीबी की दूसरी प्रहार टीम ने बेमेतरा जिले के साजा ब्लॉक मुख्यालय के अंतर्गत आने वाले राजस्व हल्के में विधिक कार्रवाई की। यहां भ्रष्टाचार के आरोपी पटवारी ओंकार सुनवानी को ₹15,000 की नकद रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।

  • मामले की पृष्ठभूमि: ग्राम केंद्र का निवासी एक पीड़ित किसान नरोत्तम अपनी पैतृक कृषि भूमि के विधिक दस्तावेजों के मिलान और राजस्व कार्य के लिए पिछले कई हफ्तों से पटवारी कार्यालय साजा के चक्कर काट रहा था।

  • किस्तों में रिश्वत: आरोप है कि पटवारी ओंकार सुनवानी ने किसान की मजबूरी का फायदा उठाते हुए काम करने के बदले कुल ₹30,000 की विधिक घूस मांगी थी। किसान की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण अंततः पहली किस्त के रूप में ₹15,000 एडवांस देने पर सहमति बनी थी। पीड़ित किसान ने इसकी विधिक सूचना गुप्त रूप से एसीबी को दे दी थी। सोमवार को जैसे ही किसान ने पहली किस्त की राशि पटवारी को थमाई, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) के तहत विधिक कार्रवाई

एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि दोनों ही मामलों में विधिक प्रक्रिया का पूर्ण पालन करते हुए डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को केस डायरी में दर्ज कर लिया गया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों— कनिष्ठ अभियंता मनीष बजाज, लाइनमैन राकेश शुक्ला और पटवारी ओंकार सुनवानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की सुसंगत विधिक धाराओं के तहत आपराधिक मामला पंजीकृत कर लिया गया है। तीनों ही लोक सेवकों को रायपुर स्थित विशेष एसीबी विधिक न्यायालय में प्रस्तुत करने की कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जाएगा। एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी विधिक सरकारी कार्य के लिए रिश्वत न दें और घूसखोरों की विधिक सूचना तत्काल विभाग को साझा करें।

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