Saturday, August 22, 2026
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Healthy Lifestyle: डायबिटीज से बचना है तो चाय नहीं, पूरी लाइफस्टाइल बदलें; एंडोक्राइनोलॉजिस्ट ने दिए 5 सबसे कारगर हेल्थ टिप्स

Healthy Lifestyle: मुंबई। आधुनिक दौर में सेहत को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच एक नया ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हुआ है। आजकल बहुत से लोग सुबह बिना चीनी वाली चाय या ब्लैक कॉफी पीकर खुद को पूरी तरह ‘हेल्दी’ मानने लगे हैं। उन्हें ऐसा भ्रम हो जाता है कि यदि उन्होंने अपनी दिनचर्या से चीनी (शुगर) को पूरी तरह छोड़ दिया है, तो वे डायबिटीज (मधुमेह) के खतरे से हमेशा के लिए सुरक्षित हो चुके हैं। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि हकीकत इस सतही सोच से कहीं ज्यादा गंभीर और डरावनी है। मुंबई के प्रतिष्ठित सैफी अस्पताल की जानी-मानी एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. शहला शेख के अनुसार, सिर्फ चाय या कॉफी से चीनी हटाने भर से डायबिटीज को रोकना मुमकिन नहीं है। आज देश में ऐसे हजारों मरीज सामने आ रहे हैं जो सालों से बिना चीनी की चाय पी रहे हैं, फिर भी इस साइलेंट किलर बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।

सिर्फ चीनी छोड़ना सुरक्षा की गारंटी नहीं, कुर्सी पर बैठे रहना है असली दुश्मन

डॉ. शहला शेख ने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ (TOI) से विशेष बातचीत में स्पष्ट किया कि केवल चाय-कॉफी में मीठा न लेना इस बात की गारंटी नहीं है कि आपका ब्लड शुगर हमेशा कंट्रोल रहेगा। असल खतरा हमारी उस रोजमर्रा की दोषपूर्ण लाइफस्टाइल में छिपा है, जिसे हम अनजाने में अपना चुके हैं। सुबह से शाम तक दफ्तरों में लगातार 8 से 10 घंटे तक बिना ब्रेक लिए लैपटॉप के सामने सिर्फ कुर्सी पर बैठे रहना शरीर को अंदर से खोखला कर रहा है। जब शरीर पूरी तरह निष्क्रिय (इनएक्टिव) रहता है, तो हमारी मांसपेशियां रक्त में मौजूद ग्लूकोज का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पातीं। इसके परिणामस्वरूप शरीर में ‘इंसुलिन रेजिस्टेंस’ (Insulin Resistance) तेजी से बढ़ने लगता है। डॉ. शहला के मुताबिक, लगातार बैठे रहने की यह सुस्त आदत स्मोकिंग (धूम्रपान) जितनी ही जानलेवा है, जो डायबिटीज के साथ-साथ हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल को सीधे न्यौता देती है।

देर रात तक मोबाइल चलाना और नींद की कमी डाल रही गहरा असर

सिर्फ शारीरिक निष्क्रियता ही नहीं, बल्कि आज की पीढ़ी में नींद की भारी कमी भी ब्लड शुगर के संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ रही है। देर रात तक बिस्तर पर लेटकर मोबाइल स्क्रीन स्क्रॉल करना या देर रात तक ऑफिस का काम करना और फिर सुबह दफ्तर के लिए जल्दी उठ जाना— इस चक्र के कारण शरीर को 7-8 घंटे का जरूरी आराम नहीं मिल पाता। कई वैज्ञानिक अध्ययनों और चिकित्सा शोधों में यह प्रमाणित हो चुका है कि पर्याप्त नींद न लेने से शरीर की ‘इंसुलिन सेंसिटिविटी’ घट जाती है। इसके साथ ही, लगातार मानसिक तनाव और अधूरी नींद के चलते शरीर में ‘कोर्टिसोल’ (Cortisol) जैसे स्ट्रेस हार्मोन का लेवल अत्यधिक बढ़ जाता है। यह हार्मोन सीधे तौर पर लीवर को ज्यादा ग्लूकोज रिलीज करने के लिए उत्तेजित करता है, यही वजह है कि कई लोग जीवन में कभी ज्यादा मीठा नहीं खाते, फिर भी उनका ब्लड शुगर लेवल हमेशा हाई बना रहता है।

पैकेटबंद ‘शुगर-फ्री’ प्रोडक्ट्स का खतरनाक भ्रम

बाजार में मिलने वाले और धड़ल्ले से बिक रहे तथाकथित ‘शुगर-फ्री’ या ‘डाइट’ प्रोडक्ट्स भी आम उपभोक्ताओं को बुरी तरह भ्रमित कर रहे हैं। किसी भी पैकेट या बिस्कुट पर ‘शुगर-फ्री’ लिखे होने का यह मतलब कतई नहीं है कि वह आपकी सेहत के लिए पूरी तरह फायदेमंद या सुरक्षित है। डॉ. शहला शेख के अनुसार, ऐसे अधिकांश प्रोसेस्ड फूड्स का स्वाद बनाए रखने के लिए उनमें भारी मात्रा में रिफाइंड मैदा, अनहेल्दी प्रोसेस्ड ऑयल (पाम ऑयल) और अत्यधिक हाई कार्बोहाइड्रेट का इस्तेमाल किया जाता है। ये तत्व पेट में जाते ही बहुत तेजी से ग्लूकोज में बदल जाते हैं और इंसुलिन का स्तर बढ़ा देते हैं।

एक्सपर्ट की अंतिम सलाह: चाय का स्वाद नहीं, जीने का तरीका बदलिए

एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और चिकित्सा शोधकर्ताओं का सामूहिक रूप से यही मानना है कि यदि आप वास्तव में डायबिटीज जैसी गंभीर और वंशानुगत बीमारी से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो केवल चाय की प्याली से चीनी को विदा करना बंद कीजिए। इसके बजाय अपनी पूरी जीवनशैली में क्रांतिकारी बदलाव लाइये।

डॉक्टरों ने इससे बचने के लिए कुछ बेहद आसान लेकिन अनिवार्य उपाय सुझाए हैं:

  • एक्टिव रहें: दफ्तर में काम के दौरान हर एक घंटे में कम से कम 5 मिनट के लिए अपनी सीट से उठकर थोड़ा टहलें (वॉक करें)।

  • व्यायाम: प्रतिदिन सुबह या शाम को कम से कम 30 से 45 मिनट तेज गति से पैदल चलने की आदत डालें।

  • डाइट चार्ट: अपने दैनिक भोजन में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और मैदा को पूरी तरह हटाकर फाइबर, हरी सब्जियां और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें।

  • तनाव मुक्त रहें: मानसिक तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान या गहरी सांस लेने वाले प्राणायाम का सहारा लें।

  • पूरी नींद: रात में मोबाइल को खुद से दूर रखकर कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी और निर्बाध नींद जरूर लें। क्योंकि असली सेहत सिर्फ एक चम्मच चीनी छोड़ने से नहीं, बल्कि एक अनुशासित जीवनशैली जीने से हासिल होती है।

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