mauganj-water-crisis-village: मध्यप्रदेश के नवगठित मऊगंज जिले से जल संकट की बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। हनुमना विकासखंड के कोढ़वा गांव में पानी की ऐसी किल्लत है कि अब इसका असर परिवारों और रिश्तों पर पड़ने लगा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई महिलाएं पानी की परेशानी से तंग आकर ससुराल छोड़ मायके लौट रही हैं।
mauganj-water-crisis-village: गांव में हर सुबह संघर्ष के साथ शुरू होती है। सुबह 4 बजे से महिलाएं बाल्टियां और बर्तन लेकर पानी की तलाश में निकल पड़ती हैं। पथरीले इलाके और लगातार गिरते जलस्तर ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। पूरे गांव के लिए करीब 2 किलोमीटर के दायरे में सिर्फ एक सरकारी नल है, जहां पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
mauganj-water-crisis-village: स्थिति इतनी गंभीर है कि ग्रामीणों को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गदाखुर स्कूल तक पानी लेने जाना पड़ता है। गांव का तालाब भी अब बेकार हो चुका है। उसका पानी दूषित हो गया है, जिसे जानवर तक पीने से बच रहे हैं।
mauganj-water-crisis-village: पानी ढोने की मजबूरी का असर महिलाओं की सेहत पर भी पड़ रहा है। भारी बर्तन उठाने से कई महिलाएं शारीरिक समस्याओं से जूझ रही हैं। वहीं बच्चे पढ़ाई छोड़ पानी भरने में परिवार का हाथ बंटा रहे हैं।
mauganj-water-crisis-village: ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक तंगी और पथरीली जमीन के कारण निजी बोरवेल करवाना आसान नहीं है। ऐसे में परिवार पूरी तरह सरकारी व्यवस्था पर निर्भर हैं, जो जरूरत पूरी नहीं कर पा रही।
mauganj-water-crisis-village: सरकार की ‘हर घर जल’ जैसी योजनाओं और दावों के बीच कोढ़वा गांव की तस्वीरें सवाल खड़े कर रही हैं। अब ग्रामीण जिला प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।









