cg-sharab-supply-crisis: छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री लागू करने का फैसला अब आबकारी विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अधूरी तैयारियों के बीच लागू की गई नई व्यवस्था से प्रदेशभर की शराब दुकानों में देसी और किफायती अंग्रेजी शराब की सप्लाई प्रभावित हो गई है। कई दुकानों में लोकप्रिय ब्रांडों का स्टॉक खत्म होने की स्थिति बन गई है।

जानकारी के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से डिस्टिलरियों को पीईटी प्लास्टिक बोतलों में बॉटलिंग का आदेश दिया गया था। अचानक लागू हुए इस फैसले के बाद डिस्टिलर्स और बोतल सप्लायरों में हड़कंप मच गया। कई कारोबारी कोर्ट पहुंच गए, जबकि पर्याप्त मात्रा में प्लास्टिक बोतलों की उपलब्धता भी नहीं हो सकी।
cg-sharab-supply-crisis: स्थिति बिगड़ने पर आबकारी विभाग को 31 मई तक फिर से कांच की बोतलों में बॉटलिंग की अनुमति देनी पड़ी। इस बीच कई डिस्टिलरियों में करीब 10 दिनों तक उत्पादन और बॉटलिंग बंद रही, जिससे शराब दुकानों तक सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई।

आबकारी विभाग के अनुसार, प्रदेश में रोजाना लगभग 70 करोड़ रुपए की शराब बिक्री होती है। सप्लाई बाधित होने से सरकार को प्रतिदिन 40 से 50 करोड़ रुपए तक के राजस्व नुकसान की आशंका है।
cg-sharab-supply-crisis: आबकारी आयुक्त पदुम एल्मा ने कहा कि विभाग लगातार डिस्टलर्स और सप्लायरों की मॉनिटरिंग कर रहा है। फिलहाल प्लास्टिक और कांच दोनों बोतलों में सप्लाई जारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि 31 मई के बाद सप्लाई में लापरवाही करने वाले डिस्टलर्स का लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा।









