Sunday, September 27, 2026
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महाकाल की भव्य भस्म आरती में गूंजा “हर-हर महादेव”! उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब

Mahakal Bhasma Aarti Ujjain : मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में गुरुवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त में भगवान महाकाल की भव्य भस्म आरती पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। सुबह करीब चार बजे जैसे ही गर्भगृह के पट खुले, पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा।

देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु

महाकाल के दिव्य दर्शन के लिए देशभर के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्त भगवान महाकाल के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर भाव-विभोर नजर आए। पूरे वातावरण में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम दिखाई दिया।

पंचामृत अभिषेक से हुई शुरुआत

भस्म आरती से पहले भगवान महाकाल का पारंपरिक पंचामृत अभिषेक किया गया। जल, दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से विधिवत स्नान कराया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्रपाठ और शंखध्वनि की गूंज सुनाई दी, जिसने माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।

भस्म श्रृंगार की विशेष परंपरा

अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का विशेष भस्म श्रृंगार किया गया, जो महाकाल मंदिर की सबसे अनूठी और प्रसिद्ध परंपराओं में से एक मानी जाती है। सनातन संस्कृति में भस्म को जीवन की नश्वरता और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है। यह अनुष्ठान श्रद्धालुओं को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर भक्ति की ओर प्रेरित करता है।

मंत्र-जप और ध्यान में डूबे श्रद्धालु

पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भजन, मंत्र-जप और ध्यान का अद्भुत माहौल देखने को मिला। श्रद्धालु शांत और एकाग्र भाव से आरती के दर्शन करते हुए आध्यात्मिक अनुभूति में लीन नजर आए। मान्यता है कि महाकाल की भस्म आरती के दर्शन से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।

उज्जैन बना वैश्विक आस्था का केंद्र

महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक मानी जाती है। उज्जैन आज देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

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