निशानेबाज न्यूज़ डेस्क (चूरू):
चूरू जिले के प्रसिद्ध सलासर बालाजी धाम में सुबह-सुबह प्रभात आरती का भव्य आयोजन पारंपरिक वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न हुआ। सूर्योदय से पहले ही मंदिर के कपाट खुलते ही पूरा परिसर “जय श्री बालाजी” और “हनुमान जी की जय” के जयघोष से गूंज उठा। इस पावन अवसर पर देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा
मंदिर परिसर में सुबह की ठंडी हवा और शंखध्वनि के बीच भक्तगण भगवान बालाजी के दर्शन कर भाव-विभोर हो गए। मंत्र-जप और भजन में लीन श्रद्धालुओं ने पूरे माहौल को अत्यंत पावन बना दिया।
वैदिक विधि से संपन्न प्रभात आरती
सुबह लगभग 6 बजे आरती का आयोजन हुआ, जिसमें शास्त्रोक्त तरीके से दीप, घंटियाँ, शंखध्वनि और मंत्रोच्चारण किया गया। हवन की सुगंध और दीपों की रोशनी ने पूरे परिसर को दिव्यता से भर दिया।
अभिषेक और श्रृंगार
आरती से पूर्व भगवान बालाजी का जल, चंदन, पुष्प, तुलसी और नैवेद्य से विधिवत अभिषेक किया गया। इसके बाद आकर्षक श्रृंगार ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष और प्रसन्नता साफ देखी गई।
भजन-कीर्तन और मंत्र-जप
भक्त पूरे समय भजन-कीर्तन और मंत्र-जप में लीन रहे। उन्होंने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। धार्मिक मान्यता है कि प्रभात आरती से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
लाइव दर्शन और बेहतर व्यवस्थाएं
जो भक्त धाम नहीं पहुँच सके, उन्होंने मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया पर लाइव दर्शन किया। प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए, जिससे दर्शन सुचारू और सुरक्षित रहे।
आस्था का प्रमुख तीर्थ स्थल
सलासर बालाजी धाम देशभर के हनुमान भक्तों के लिए श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। प्रभात आरती न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक भी है।
इस भव्य आयोजन ने भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्यता का अनुभव कराकर संतोष और भक्ति की भावना से परिपूर्ण किया।











