बुरहानपुर: बुरहानपुर जिले में अवैध शराब की बिक्री ने महिलाओं की नींद हराम कर दी है। ग्राम साईंखेड़ा और ग्राम लोनी की महिलाओं ने मिलकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अवैध कच्ची महुआ शराब पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। महिलाओं का आरोप है कि शराब की वजह से उनके परिवार बिखर रहे हैं, पुरुष शराब पीकर घर आते हैं और महिलाओं व बच्चों के साथ मारपीट करते हैं।
शराब से उत्पन्न समस्याएं
गांव साईंखेड़ा की महिलाओं ने बताया कि उनके पति दिनभर मेहनत करने के बाद शाम को शराब पीने चले जाते हैं। घर खर्च के लिए पैसे नहीं देते और गाली-गलौज करते हैं। इस वजह से घरेलू जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वहीं, ग्राम लोनी की महिलाएं भी शराब बिक्री से त्रस्त हैं। उनका कहना है कि शराब पीकर लोग सुबह 4 बजे से ही ठेके पर पहुंच जाते हैं, जिससे बच्चों की नींद खराब होती है और विवाद बढ़ते हैं।
महिलाओं की बाइट्स
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ग्रामीण महिला: “शराब ने हमारे घर उजाड़ दिए हैं। अब बहुत परेशान हैं।”
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ग्रामीण महिला: “हम चाहते हैं कि अब अवैध शराब पूरी तरह बंद हो।”
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ग्रामीण महिला: “शराब पीने के बाद हमारे परिवार में हिंसा और झगड़े बढ़ गए हैं।”
प्रशासन का भरोसा
सहायक जिला आबकारी अधिकारी वीजय कुचेकर ने बताया कि मामला संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध कच्ची महुआ शराब पकड़कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी और इसके विक्रय पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।
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महिलाओं का संदेश
महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा: “शराब बंद होगी तभी हमारे गांव में शांति लौटेगी।”











