Thursday, August 20, 2026
Home National Big Breaking : हाईकोर्ट से राम रहीम को बड़ी राहत! छत्रपति हत्याकांड...

Big Breaking : हाईकोर्ट से राम रहीम को बड़ी राहत! छत्रपति हत्याकांड में सबूतों के अभाव में बरी, लेकिन ….

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बहुचर्चित पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है। अदालत ने पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई कोर्ट के 2019 के फैसले में आंशिक संशोधन करते हुए कहा कि राम रहीम के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं, इसलिए उन्हें संदेह का लाभ दिया जाता है।हालांकि इस मामले में अन्य तीन दोषी कुलदीप, निर्मल और किशन लाल की उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है।

अपील पर सुनवाई के बाद आया फैसला

दरअसल, साल 2019 में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में गुरमीत राम रहीम समेत चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ राम रहीम और अन्य दोषियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और दलीलों पर विस्तृत सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।

Read More : CG NEWS: फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर घिरे PMGSY के मुख्य अभियंता केके कुटारे, बर्खास्तगी की लटकी तलवार

अदालत ने कहा – आरोप पर्याप्त रूप से साबित नहीं

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राम रहीम के खिलाफ आरोपों को पूरी तरह साबित नहीं किया जा सका। इसी वजह से उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया गया।

अन्य मामलों के कारण जेल में ही रहेंगे राम रहीम

हालांकि इस मामले में राहत मिलने के बावजूद गुरमीत राम रहीम को फिलहाल जेल से रिहाई नहीं मिलेगी। वह अभी भी दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहे हैं।

वर्तमान में राम रहीम हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद हैं। समय-समय पर उन्हें अदालत की अनुमति से पैरोल भी मिलती रही है।

पत्रकार की हत्या से जुड़ा था मामला

यह मामला वर्ष 2002 में सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या से जुड़ा है। छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी विवादित खबरें प्रकाशित की थीं, जिसके बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।इस मामले की जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई थी और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 2019 में विशेष अदालत ने सजा सुनाई थी।अब हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here