Wednesday, August 19, 2026
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CG NEWS : हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई को बताया अवैध, होटल मालिक से मारपीट का वीडियो आया सामने

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CG NEWS : दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस की एक कार्रवाई को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जिस मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई को अवैध बताया था, उसी घटना का वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि होटल के बाहर पुलिसकर्मी होटल संचालक को उसकी मां के सामने डंडों से पीट रहे हैं।

CG NEWS : यह मामला भिलाई के स्मृति नगर थाना क्षेत्र का है, जहां एक होटल में कार्रवाई के दौरान पुलिस की बर्बरता सामने आई थी। इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए होटल संचालक आकाश कुमार साहू की गिरफ्तारी को अवैध करार दिया है और राज्य सरकार पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

CG NEWS : क्या है पूरा मामला

8 सितंबर 2025 को भिलाई के कोहका क्षेत्र स्थित एक होटल में पुलिस गुमशुदा युवती की तलाश में पहुंची थी। आरोप है कि पुलिस ने बिना महिला पुलिसकर्मी के होटल के कमरे में प्रवेश किया और वहां मौजूद महिला-पुरुष को बाहर निकाला। इस दौरान होटल प्रबंधन ने आपत्ति जताई, जिस पर पुलिस ने होटल संचालक आकाश साहू के साथ मारपीट की और बिना किसी एफआईआर के उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।

पीड़ित का आरोप है कि घटना के वक्त उसकी मां भी मौके पर मौजूद थीं और उन्होंने पुलिस से लगातार गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। आकाश साहू को जबरन गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाया गया, जहां भी उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई।

होटल संचालक पेशे से लॉ स्टूडेंट है और होटल उसकी आजीविका का एकमात्र साधन है। उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि होटल पूरी तरह पंजीकृत है और सभी वैधानिक दस्तावेज मौजूद हैं। होटल में ठहरे लोगों के पास भी वैध पहचान पत्र थे, इसके बावजूद पुलिस ने मनमानी कार्रवाई की।

CG NEWS : पुलिस की सफाई

CG NEWS : पुलिस का कहना था कि आकाश साहू ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, वाहन की चाबी छीनी और हाथापाई की, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बनी। इसी आधार पर उसे बीएनएस की धारा 170 के तहत हिरासत में लिया गया। हालांकि कोर्ट ने पाया कि किसी भी अपराध में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी और केवल संदेह के आधार पर गिरफ्तारी की गई।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि बिना एफआईआर गिरफ्तारी और हिरासत में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। कोर्ट ने एसडीएम की भूमिका पर भी नाराजगी जताई और कहा कि उन्होंने पुलिस रिपोर्ट पर आंख मूंदकर कार्रवाई की अनुमति दे दी।

CG NEWS : मुआवजे का आदेश

CG NEWS : हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर पीड़ित को एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यदि तय समय में भुगतान नहीं हुआ तो उस पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। साथ ही गृह विभाग को पुलिसकर्मियों को मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की घटनाएं न्याय व्यवस्था और पुलिस पर आम जनता के भरोसे को कमजोर करती हैं।

 

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