Wednesday, August 19, 2026
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Purkhouti Muktangan Sahitya Utsav : साहित्य का महाकुंभ: रायपुर साहित्य उत्सव का 23 जनवरी को भव्य शुभारंभ, जुटेंगे दिग्गज साहित्यकार

Purkhouti Muktangan Sahitya Utsav : हेमंत वर्मा/रायपुर: छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और साहित्यिक चेतना को वैश्विक पहचान देने के लिए राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में 23 जनवरी से तीन दिवसीय ‘रायपुर साहित्य उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य समारोह का शुभारंभ राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। शुभारंभ समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सुबह 10.30 बजे से होगा, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और प्रख्यात अभिनेता मनोज जोशी सहित कई विशिष्ट जन शामिल होंगे।

साहित्यिक चर्चाओं का केंद्र: महोत्सव के लिए विशेष रूप से चार प्रमुख मंडप तैयार किए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ की साहित्यिक विभूतियों—विनोद कुमार शुक्ल, लाला जगदलपुरी, श्याम लाल चतुर्वेदी और अनिरुद्ध नीरव की स्मृति को समर्पित हैं। इन मंडपों में समकालीन महिला लेखन, डिजिटल साहित्य की चुनौतियां, आदिवासी विमर्श, सेक्युलरिज्म, और ‘उपनिषद से एआई तक’ जैसे गूढ़ विषयों पर गहन चर्चाएं होंगी। महोत्सव में प्रतिदिन चार सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के साहित्यकार, पत्रकार और कवि हिस्सा लेंगे।

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कला और संस्कृति का अनूठा संगम: साहित्यिक सत्रों के साथ-साथ यह महोत्सव कला प्रेमियों के लिए भी खास होगा। यहाँ राष्ट्रीय पुस्तक मेला, पेंटिंग कार्यशाला और ओपन टैलेंट मंच का आयोजन किया जा रहा है। उत्सव की पहली शाम (23 जनवरी) को रंगकर्मी मनोज जोशी द्वारा अभिनीत सुप्रसिद्ध नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन किया जाएगा। वहीं, 24 जनवरी की संध्या पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में काव्य पाठ के नाम रहेगी।

विविध विषयों पर संवाद: तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में सिनेमा और समाज, माओवादी आतंक और लोकतंत्र, डॉ. अंबेडकर का विचारपुंज, और छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ जैसे विषयों पर भी सत्र आयोजित होंगे। महोत्सव परिसर में आगंतुकों की सुविधा के लिए इंगेजमेंट जोन और फूड जोन भी बनाए गए हैं। यह उत्सव न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए ज्ञान का केंद्र बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ी और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी साबित होगा।

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