Jabalpur News: जबलपुर : जबलपुर के सोशल मीडिया पर इन दिनों जबलपुर के एक नवविवाहित जोड़े की खूब चर्चा हो रही है। चर्चा की वजह है दूल्हे ऋषभ राजपूत का डार्क कॉम्प्लेक्शन। शादी के एक वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स ने रंगभेद से जुड़े अजीबोगरीब कमेंट्स करने शुरू कर दिए। लेकिन इस कपल ने न सिर्फ ट्रोलिंग का डटकर सामना किया, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश भी दिया।
Jabalpur News: कॉलेज से शुरू हुई दोस्ती,10 साल बाद बनी शादी
Jabalpur News: ग्वारीघाट निवासी ऋषभ राजपूत और डिंडोरी की रहने वाली सोनाली चौकसे की मुलाकात करीब 10 साल पहले कॉलेज में हुई थी। ऋषभ ने सोनाली को प्रपोज किया, जिसके बाद 15 दिन सोचने के बाद सोनाली ने दोस्ती स्वीकार की। यह दोस्ती धीरे-धीरे गहरे रिश्ते में बदली और दोनों ने अपनी पढ़ाई पूरी कर निजी कंपनियों में अच्छी नौकरियां हासिल कीं। हाल ही में दोनों ने परिवार की सहमति से शादी कर ली, हालांकि दोनों अलग-अलग जातियों से ताल्लुक रखते हैं।
Jabalpur News: वायरल वीडियो से शुरू हुई ट्रोलिंग
Jabalpur News: शादी के दौरान परिवार के एक सदस्य द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद ट्रोलर्स ने ऋषभ के रंग को लेकर भद्दे कमेंट्स करने शुरू कर दिए। किसी ने सोनाली को ‘गोल्ड डिगर’ कहा, तो किसी ने ऋषभ को सरकारी अफसर, पॉलिटिशियन या पेट्रोल पंप मालिक बताकर शादी की वजह बताई।
Jabalpur News: “हम आहत नहीं हुए, बल्कि मजबूत हुए”
Jabalpur News: ऋषभ और सोनाली ने ट्रोलिंग को लेकर कहा,”शुरुआत में हमें यह सब मजाकिया लगा, लेकिन जब हमारे परिवार को लेकर बातें होने लगीं, तब थोड़ी परेशानी हुई। खासकर जब माता-पिता के जानने वालों ने फोन कर सोशल मीडिया की बातें बताईं।” फिर भी दोनों ने संयम नहीं खोया और ट्रोलिंग को सकारात्मक रूप में लिया।
Jabalpur News: “रंग नहीं,रिश्ता मायने रखता है”
Jabalpur News: ऋषभ का कहना है, “आज भी लोग रंग को लेकर बातें कर रहे हैं, यह हैरान करने वाला है। हेल्दी रिलेशनशिप में रंग नहीं, समझ और सम्मान मायने रखता है।” सोनाली ने भी कहा, “समाज में रंग को लेकर सोच अब भी संकुचित है इसे बदलना जरूरी है।”
Jabalpur News: कपल का संदेश – रंग काबिलियत नहीं तय करता
Jabalpur News: ऋषभ और सोनाली का मानना है कि रंग किसी की योग्यता का पैमाना नहीं हो सकता। ईश्वर ने जिसे जैसा रंग दिया है, वह उसकी पहचान है,अभिशाप नहीं। समाज को चाहिए कि वह रंग नहीं, इंसान की सोच और व्यवहार को महत्व दे।













