Wednesday, August 26, 2026
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tallest Ram statue : समुद्र-तटों से आगे बढ़ा गोवा : पार्टागली मठ में दुनिया की सबसे ऊंची राम प्रतिमा स्थापित

tallest Ram statue : गोवा। गोवा की पहचान आमतौर पर उसके सुनहरे समुद्र-तटों और नाइटलाइफ से की जाती है, लेकिन शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साउथ गोवा के श्री संस्थान गोकरण पार्टागली जीवोत्तम मठ परिसर में भगवान राम की 77 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण करके देश को आश्चर्यचकित कर दिया। यह प्रतिमा भगवान राम की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा बताई जा रही है और इसे एकता, भक्ति और भारत की सांस्कृतिक निरंतरता का प्रतीक माना जा रहा है।

भगवान राम की दुनिया की सबसे ऊंची कांस्य प्रतिमा का प्रधानमंत्री जी ने किया  अनावरण" प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज दक्षिण गोवा ...

tallest Ram statue पुर्तगाली अतीत से पुराना आध्यात्मिक आधार

गोवा को पुर्तगाली अतीत और ईसाई प्रभाव वाले राज्य के रूप में देखने वालों के लिए यह विशाल राम प्रतिमा एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। हालांकि, इस घटना का आधार नॉर्थ गोवा के आध्यात्मिक इतिहास में निहित है, जो इसके औपनिवेशिक अतीत से भी पुराना है।

  • पार्टागली मठ का महत्व: यह मठ भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित द्वैत वैष्णव संस्थानों में से एक है और गौड़ सारस्वत ब्राह्मण समुदाय का प्रमुख वैष्णव पीठ रहा है।

  • 550वां स्थापना वर्ष: श्रीराम प्रतिमा का अनावरण मठ के 550वें स्थापना वर्ष महोत्सव का हिस्सा था।

  • पीएम मोदी का संबोधन: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गोवा के मंदिरों और परंपराओं को विनाश का सामना करना पड़ा था, फिर भी वे जीवित रहे। उन्होंने इस प्रतिमा को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के डिजाइनर राम वी सुतार द्वारा निर्मित बताया।

tallest Ram statue द्वैत वैष्णव परंपरा का केंद्र

गोवा भले ही पुर्तगाली इतिहास के लिए जाना जाता है, लेकिन यह गौड़ सारस्वत ब्राह्मणों और द्वैत वैष्णवों के लिए सदियों से आध्यात्मिक आधार रहा है।

  • द्वैत दर्शन: 13वीं शताब्दी में संत मध्वाचार्य द्वारा स्थापित इस दर्शन में भगवान विष्णु को परम तत्त्व माना जाता है, और उनके अवतार राम-कृष्ण की उपासना केंद्रीय है।

  • संरक्षण: कुशावती नदी के तट पर स्थित 550 वर्ष से अधिक पुराने पार्टागली मठ ने 1510 से 1961 तक चले पुर्तगाली शासन के दौरान भी मूर्तियों, शास्त्रों और परंपराओं की रक्षा की। यहीं श्री वीर मूलराम देवरु (सारस्वत समुदाय की प्राचीन राम-मूर्ति) आज भी विराजमान हैं।

गोवा की नई पहचान और मुख्यमंत्री का समर्थन

प्रधानमंत्री ने प्रतिमा के साथ-साथ रामायण थीम पार्क का उद्घाटन किया, विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्का भी जारी किया, और 15,000 से अधिक श्रद्धालुओं को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी अयोध्या में गोवा भवन के लिए जमीन लेने की घोषणा की है और 77 फीट की इस प्रतिमा को पूरा समर्थन दिया है। गोवा में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के दिन भी पूरे राज्य में जुलूस और विशेष पूजा हुई थी।

यह 77 फीट ऊंची राम प्रतिमा गोवा की सदियों पुरानी, पुर्तगाली शासन को झेलकर बची हुई आध्यात्मिक धारा का प्रतीक है, जो अब समुद्र तटों के ऊपर खड़ी होकर गोवा की सच्ची पहचान को दर्शा रही है।

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