Tuesday, August 25, 2026
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kisaan aandolan : फसल बीमा की मांग पर किसानों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस से झड़प के बाद कलेक्टर कार्यालय के कांच फूटे

kisaan aandolan : बुरहानपुर। फसल बीमा की लंबित मांगों को लेकर बुरहानपुर जिले में आज किसान संगठन और कांग्रेसी कार्यकर्ता एकजुट हुए और उन्होंने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर दिया। स्थिति उस वक्त उग्र हो गई जब किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने कलेक्टर कार्यालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया। पुलिस के कड़े विरोध के बावजूद, किसानों का हुजूम मुख्य द्वार की तरफ बढ़ता रहा और परिसर में घुसने का प्रयास किया, जिसके कारण पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और कलेक्टर कार्यालय के मुख्य द्वार के कांच फूट गए।

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kisaan aandolan : प्रदर्शन में शामिल जिले के सभी किसानों की प्रमुख और एकमात्र मांग थी कि उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ तत्काल प्रदान किया जाए। किसानों का कहना था कि यह लाभ वर्ष 2018 से बंद पड़ा है, जिसके चलते वे लगातार नुकसान झेल रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके कारण उन्हें मजबूरन कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने जैसा कड़ा कदम उठाना पड़ा। कांग्रेस के समर्थन से इस विरोध प्रदर्शन को और बल मिला।

kisaan aandolan : घेराव के दौरान कलेक्टर कार्यालय के मुख्य द्वार पर भारी पुलिस बल मौजूद था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे और मुख्य द्वार को बंद कर दिया था। इसके बावजूद, अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित किसान पुलिस के रोकने के बाद भी मुख्य द्वार की ओर बढ़ते रहे। किसानों और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई, जिसमें किसानों ने जबरन कलेक्टर कार्यालय में प्रवेश करने का प्रयास किया। इसी दौरान मची अफरा-तफरी और दबाव के कारण मुख्य द्वार के कांच बुरी तरह टूट गए।

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kisaan aandolan : पुलिस और किसानों के बीच हुई इस झड़प और धक्का-मुक्की में कई किसान घायल भी हुए हैं। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए किसानों को कार्यालय परिसर में घुसने से रोका। किसानों ने प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बलपूर्वक दबाने का आरोप लगाया है। यह घटना जिले में किसानों के बीच व्याप्त भारी असंतोष को दर्शाती है, जो अपनी मेहनत की फसल का उचित बीमा लाभ नहीं मिलने से आक्रोशित हैं।

किसानों के उग्र प्रदर्शन और कलेक्टर कार्यालय में हुए नुकसान ने जिला प्रशासन को तत्काल जागृत होने और किसानों की मांगों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। किसानों की यह मांग सीधे तौर पर उनकी आजीविका से जुड़ी हुई है। प्रशासन को चाहिए कि वह किसान संगठनों और कांग्रेस के प्रतिनिधियों से बात कर 2018 से लंबित फसल बीमा के मामले का शीघ्र समाधान करे, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसानों को उनका हक मिल सके।

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