Navratri 2025 Kanya Pujan : रायपुर। नवरात्रि साधना के नौ दिनों के समापन पर अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। मां दुर्गा के विभिन्न रूपों का प्रतीक मानी जाने वाली 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं की पूजा कर साधक देवी कृपा, सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति करता है। मान्यता है कि कन्या पूजन के बिना नवरात्रि का व्रत अधूरा माना जाता है।
Navratri 2025 Kanya Pujan : कन्या पूजन का शुभ समय
नवरात्रि 2025 में कन्या पूजन नवमी तिथि को 1 अक्टूबर, बुधवार को होगा। सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक का समय पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
उम्र के अनुसार कन्याओं का महत्व
- 2 वर्ष (कुमारिका): सुख और सौभाग्य की वृद्धि।
- 3 वर्ष (त्रिमूर्ति): विद्या, लक्ष्मी और शक्ति का वास।
- 4 वर्ष (कल्याणी): कार्यों में सफलता और शुभता।
- 5 वर्ष (रोहिणी): स्वास्थ्य और दीर्घायु का आशीर्वाद।
- 6 वर्ष (कालिका): शत्रुओं पर विजय और निर्भीकता।
- 7 वर्ष (चंडिका): साहस और पराक्रम की प्राप्ति।
- 8 वर्ष (शांभवी): मनोकामनाओं की पूर्ति और सुख-शांति।
- 9 वर्ष (दुर्गा): संकट निवारण और विजय।
- 10 वर्ष (सुभद्रा): उन्नति, वैभव और प्रतिष्ठा की प्राप्ति।
कन्या पूजन की विधि
घर को स्वच्छ कर पूजा स्थल सजाएं। 2 से 9 कन्याओं और एक लांगूर (छोटे बालक) को आमंत्रित करें। उनके चरण धोकर तिलक करें, चुनरी ओढ़ाएं और हलवा-पूरी-चना का भोग कराएं। अंत में दक्षिणा और उपहार देकर सम्मानपूर्वक विदा करें।
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धार्मिक मान्यता है कि कन्या पूजन से देवी प्रसन्न होकर भक्त को आशीर्वाद देती हैं और घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मकता का वास होता है।









