Monday, September 21, 2026
Home Chhattisgarh Conversion laws : धर्मांतरण पर सख्त कानून लाएगी छत्तीसगढ़ सरकार, सीएम विष्णुदेव...

Conversion laws : धर्मांतरण पर सख्त कानून लाएगी छत्तीसगढ़ सरकार, सीएम विष्णुदेव साय ने बिलासपुर से किया एलान

nishaanebaz.com (12)
nishaanebaz.com (12)

Conversion laws : रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार अब निर्णायक कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के शदाणी दरबार में आयोजित हिंदू राष्ट्रीय अधिवेशन के मंच से एलान किया कि राज्य सरकार ने जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए एक नया कानून तैयार कर लिया है, जिसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा, “धर्मांतरण की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। यह समाज की स्थिरता और एकता के लिए खतरा है। हमने इस पर गंभीरता से विचार किया है। जल्द ही विधानसभा में ऐसा सख्त कानून लाया जाएगा, जिसमें जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान होगा।”

गौसेवा पर भी जोर, गौशालाओं की सहायता बढ़ी

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने गौसेवा और मवेशियों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब राज्य की सड़कों पर लावारिस मवेशी नजर नहीं आने चाहिए। इसके लिए सरकार ने गौशालाओं को दी जाने वाली सहायता राशि को 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है।

सीएम ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में नई गौशालाएं बनाई जा रही हैं और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी रोकें। उन्होंने कहा, “जब गाय दूध देना बंद कर देती है तो उसे छोड़ देना एक अमानवीय परंपरा है, जिसे हिंदू समाज को बदलना चाहिए।”

जशपुर का उदाहरण, ‘घर वापसी’ को सराहा

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च होने के बावजूद पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप सिंह जूदेव और उनके पुत्र प्रबल प्रताप जूदेव ने ‘घर वापसी’ आंदोलन को मजबूती से आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि “कल्याण आश्रम के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर समाज में धार्मिक जागरूकता फैला रहे हैं। यह अभियान हिंदू संस्कृति की रक्षा के लिए जरूरी है।”

आने वाले सत्र में पेश होगा बिल

राज्य सरकार द्वारा तैयार धर्मांतरण विरोधी कानून के मसौदे को आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि इसमें बिना पूर्व अनुमति के धर्मांतरण कराने, या बलपूर्वक/प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान होगा।

इस एलान को राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की बड़ी सामाजिक और राजनीतिक पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here