Raipur Crime : रायपुर। राजधानी रायपुर में चार करोड़ रुपये की कथित जबरन वसूली, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर समेत छह लोगों के खिलाफ गंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों में कुबेर राठी, संदीप अग्रवाल, आसिफ मेमन, नागेंद्र पांडेय और विवेक जोशी उर्फ मोंटी जोशी शामिल हैं।
कारोबारी बलिराम धरमानी ने आरोप लगाया है कि लाभांडी की जमीन के पुराने सौदे को आधार बनाकर उनसे चार करोड़ रुपये की मांग की जा रही थी। रकम देने से इनकार करने पर फाफाडीह चौक स्थित होटल वेलिंटन में उनके साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। कथित घटना 27 सितंबर को हुई थी, लेकिन एफआईआर 4 नवंबर को दर्ज की गई। यानी शिकायत दर्ज होने में करीब 38 दिन लग गए। छह लोगों के नाम सामने आने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लाभांडी की जमीन के सौदे से शुरू हुआ विवाद
बलिराम धरमानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2018 में उन्होंने बोरड परिवार की लाभांडी स्थित करीब 2.60 लाख वर्गफुट जमीन का सौदा किया था। इसमें से 40 हजार वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम हुई थी, जबकि बाकी जमीन का एग्रीमेंट किया गया था। हालांकि, बोरड परिवार में आपसी विवाद के चलते शेष जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2022 में संदीप अग्रवाल उनके कटोरा तालाब स्थित कार्यालय पहुंचे और विवादित जमीन की रजिस्ट्री कराने के एवज में चार करोड़ रुपये की मांग की। धरमानी का कहना है कि चार साल तक मामला नहीं सुलझने के बाद उन्होंने अपने नाम की 40 हजार वर्गफुट जमीन वापस बोरड परिवार के नाम रजिस्ट्री कर दी। इसके बाद जमीन के सौदे और बयाने के एवज में उन्हें कुल 3.15 करोड़ रुपये वापस मिल गए।
उनका दावा है कि बोरड परिवार के साथ अब कोई लेन-देन बाकी नहीं है और संदीप अग्रवाल से भी उनका कोई बकाया नहीं है। इसके बावजूद उनसे चार करोड़ रुपये की मांग की जा रही थी।
पहले कार्यालय में बैठक, फिर होटल में कथित मारपीट
धरमानी के अनुसार, 24 सितंबर को नागेंद्र पांडेय ने फोन कर उन्हें कुबेर राठी से बातचीत करने के लिए कहा। इसके बाद विवेक जोशी उर्फ मोंटी जोशी ने भी उनसे संपर्क किया। बातचीत से इनकार करने पर 26 सितंबर को उनके मित्र आबिद हसन के रहमानिया चौक स्थित कार्यालय में बैठक हुई। इसमें कुबेर राठी, संदीप अग्रवाल, नागेंद्र पांडेय, विवेक जोशी समेत अन्य लोग मौजूद थे। आरोप है कि इस बैठक में भी चार करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया गया।
इसके अगले दिन 27 सितंबर को कुबेर राठी के कहने पर बलिराम धरमानी अपने मित्र आबिद हसन और आरिफ रजा के साथ फाफाडीह चौक स्थित होटल वेलिंटन पहुंचे। शाम करीब 4:30 बजे रेस्टोरेंट के फैमिली कैबिन में अनवर ढेबर, कुबेर राठी, आसिफ मेमन, विवेक जोशी, नागेंद्र पांडेय और संदीप अग्रवाल मौजूद थे।
शिकायत के अनुसार, जब धरमानी ने संदीप अग्रवाल से चार करोड़ रुपये मांगने का आधार पूछा और रकम देने से इनकार कर दिया, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि अनवर ढेबर और कुबेर राठी ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। वहीं, अन्य लोगों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
दोस्त को भी उठाने की धमकी देने का आरोप
शिकायत में 21 अक्टूबर की एक अन्य घटना का भी जिक्र किया गया है। धरमानी के मुताबिक, कुबेर राठी ने उनके मित्र आबिद हसन को बैठक के लिए बुलाया था। इस बैठक में कुबेर राठी, नागेंद्र पांडेय, मोंटी जोशी, आसिफ मेमन समेत अन्य लोग मौजूद थे।
आरोप है कि बैठक में आबिद हसन से कहा गया कि वह इस मामले से दूर रहें, बलिराम धरमानी से वे खुद निपट लेंगे और उन्हें उठा लेंगे। आबिद हसन ने इसकी जानकारी धरमानी को दी। इसके बाद कारोबारी ने खुद और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
अनवर के बेटे शोएब पर भी 25 करोड़ की रंगदारी का आरोप
ढेबर परिवार से जुड़ा यह पहला रंगदारी का मामला नहीं है। अनवर ढेबर का बेटा शोएब ढेबर कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में फरार बताया जा रहा है। आरोप है कि लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गिरोह के नाम पर धमकी देकर रकम मांगी गई थी।
इस मामले में रायपुर पुलिस ने शोएब की गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है। पुलिस की टीमें छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में उसकी तलाश कर रही हैं।
शोएब के चाचा एजाज ढेबर रायपुर के पूर्व महापौर और कांग्रेस नेता हैं। एक ओर अनवर ढेबर शराब घोटाले के मामले में प्रमुख आरोपी हैं, वहीं उनका बेटा शोएब 25 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी के मामले में फरार है। अब अनवर ढेबर का नाम चार करोड़ रुपये की कथित वसूली और मारपीट के नए मामले में भी सामने आया है।
38 दिन बाद FIR, गिरफ्तारी नहीं होने पर उठे सवाल
Raipur Crime : गंज थाने में 4 नवंबर को दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(3), 296, 115(2), 61(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मामले की जांच प्रधान आरक्षक देवेंद्र ध्रुव को सौंपी गई है। घटना 27 सितंबर की बताई गई है, जबकि एफआईआर 4 नवंबर को दर्ज हुई। शिकायत में छह लोगों के नाम होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है और चार करोड़ रुपये की कथित वसूली के पीछे की पूरी कहानी कब सामने आती है।