रायपुर। Nishaanebaz.com-CG Paddy Procurement 2026: छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों के लिए आगामी खरीफ विपणन वर्ष में धान खरीदी को लेकर बेहद महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश भर में 15 नवंबर से धान उपार्जन की प्रक्रिया शुरू करने का अंतिम निर्णय लिया गया है। इस बार राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की तय दर से धान की खरीदी करेगी। सरकार के इस दूरगामी निर्णय से खेतों में फसल काटकर बेचने की तैयारी कर रहे प्रदेश के अन्नदाताओं को बड़ी आर्थिक राहत और खरीदी व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी मिल गई है।
मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए आधिकारिक निर्णय के अनुसार, इस वर्ष धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। केवल इसी पोर्टल में पंजीकृत पात्र किसानों से ही निर्धारित नियमावली के तहत धान उपार्जन किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने पिछले वर्ष अपना पंजीयन कराया था, उन्हें दोबारा अलग से पंजीयन कराने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। इस व्यवस्था से पुराने किसानों को दफ्तरी कागजी कार्रवाई और लंबी कतारों से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्था को अधिक सुगम, पारदर्शी और किसानों की पहुंच के करीब बनाने के लिए राज्य सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बड़ा विस्तार किया है। इस कड़ी में प्रदेश भर में 360 नए धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसके बाद अब राज्य में कुल उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़कर 3,100 हो गई है। नए खरीदी केंद्रों के चालू होने से ग्रामीण इलाकों के किसानों को धान परिवहन करने में आसानी होगी, नजदीकी केंद्रों के विकल्प मिलेंगे और उपार्जन केंद्रों पर लगने वाली अनावश्यक भीड़ पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
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राज्य सरकार के इस फैसले के बाद खाद्य और सहकारिता विभाग ने मंडियों तथा उपार्जन केंद्रों में बारदाने की उपलब्धता, कांटा-बांट की जांच और फड़ व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि 15 नवंबर से शुरू हो रही इस महा-खरीदी अभियान में किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सभी 3,100 केंद्रों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। किसान संगठनों ने भी खरीदी की तिथि और 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर की आधिकारिक घोषणा का स्वागत करते हुए खरीदी केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम रखने की मांग की है।