Rewa Prarthana Hospital Medical Negligence: रीवा के प्रार्थना हॉस्पिटल में 21 साल के युवक की मौत पर भारी हंगामा, परिजनों ने लगाया ओवरडोज का आरोप

VIKASH KHALKHO

रीवा। Nishaanebaz.com-Rewa Medical Negligence Dispute: मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित प्रार्थना हॉस्पिटल से इलाज में लापरवाही और मरीज की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। देर रात 21 वर्षीय युवक अक्षत शुक्ला की सांसे थमने के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। आक्रोशित परिजनों ने सीधे तौर पर अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गलत इलाज करने तथा दवाइयों का ओवरडोज देने का आरोप लगाया है।

संजीवन से प्रार्थना अस्पताल लाया गया था मरीज

परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अक्षत शुक्ला को तबीयत खराब होने पर शुरुआत में संजीवन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां हालत बिगड़ने पर संबंधित डॉक्टर मुकेश तिवारी आधी रात के समय उसे प्रार्थना हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि प्रार्थना हॉस्पिटल में इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद युवक की अचानक मौत हो गई।

परिजनों के गंभीर आरोप:

  1. लापरवाही और ओवरडोज: परिजनों का दावा है कि डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति को समझे बिना दवाइयों का ओवरडोज दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

  2. संजय गांधी अस्पताल रेफर न करना: परिजनों ने आरोप लगाया कि जब मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ रही थी, तब भी उसे समय रहते शासकीय संजय गांधी अस्पताल रेफर नहीं किया गया।

  3. लाखों रुपये की वसूली: परिजनों का कहना है कि इलाज के नाम पर उनसे 2 से 3 लाख रुपये तक की मोटी रकम ऐंठ ली गई।

  4. दस्तावेजों के पन्ने फाड़ने का आरोप: मौत के तुरंत बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा आनन-फानन में शव को हटाने का प्रयास किया गया और जांच से जुड़ी फाइल व मेडिकल डॉक्यूमेंट्स के पन्ने फाड़ दिए गए।

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निष्पक्ष जांच की मांग, आरोपों की पुष्टि होना बाकी

हादसे और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।

दूसरी ओर, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही ओवरडोज व इलाज में लापरवाही के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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