CG News: छत्तीसगढ़ में राशन कार्डधारकों के लिए राहत! अंगूठा नहीं लगा तो भी नहीं रुकेगा राशन

Anuj Nirala

CG News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन लेने वाले हितग्राहियों के लिए राहत की खबर है। अगर राशन दुकान पर फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हो रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि पात्र व्यक्ति को राशन नहीं मिलेगा। खाद्य विभाग के अनुसार, ऐसी स्थिति में नियमानुसार वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए राशन प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा खासतौर पर बुजुर्गों और उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी होती है।

रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हितग्राहियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक प्रावधान मौजूद हैं। इसलिए केवल फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने के आधार पर यह मान लेना सही नहीं है कि संबंधित हितग्राही को राशन नहीं मिल सकता।

फिंगरप्रिंट नहीं मिलने पर क्या करें?

राशन वितरण के दौरान कई बार मशीन में फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हो पाता। उम्र बढ़ने, उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं होने या अन्य कारणों से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी आ सकती है। ऐसी स्थिति में पात्र हितग्राही को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

Read More: CG NEWS: सुशासन का उद्देश्य, जनता की समस्याओं का समाधान: 40 साल बाद तर्रा गांव तक पहुंचा पानी, जल संसाधन विभाग की पहल से ग्रामीणों की बड़ी समस्या दूर, सांसद और विधायक के निर्देश पर हुई पहल

खाद्य विभाग के अनुसार, नियमानुसार उपलब्ध वैकल्पिक प्रक्रिया अपनाकर राशन प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित राशन दुकान संचालक या खाद्य विभाग से संपर्क कर प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है।

नॉमिनी या OTP से मिल सकता है राशन

खाद्य विभाग ने बताया कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी होने पर पात्र हितग्राहियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान है। इसमें परिस्थितियों और लागू नियमों के अनुसार निम्न विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं:

नॉमिनी के माध्यम से: नियमानुसार नामांकित व्यक्ति की सहायता से राशन प्राप्त किया जा सकता है।

OTP आधारित प्रमाणीकरण: निर्धारित प्रक्रिया और पात्रता के अनुसार ओटीपी के माध्यम से प्रमाणीकरण कर राशन लेने की सुविधा मिल सकती है।

इन विकल्पों का इस्तेमाल संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। इसलिए हितग्राहियों को अपनी स्थिति के हिसाब से राशन दुकान संचालक या खाद्य विभाग से जानकारी लेनी चाहिए।

बुजुर्ग हितग्राहियों के लिए क्यों जरूरी है यह व्यवस्था?

बुजुर्गों और ऐसे लोगों को राशन लेने में अधिक परेशानी हो सकती है, जिनकी उंगलियों के निशान मशीन में ठीक से दर्ज नहीं होते। कई बार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा नहीं होने के कारण उन्हें राशन मिलने को लेकर चिंता होती है।खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने से राशन पाने का अधिकार समाप्त नहीं हो जाता। पात्र हितग्राहियों को निर्धारित वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

Read More: Chhattisgarh Dhan Kharidi Rules: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के नियम बदले, किसानों को अब कराना होगा ये काम, चूक गए तो बढ़ सकती है परेशानी!

खाद्य नियंत्रक ने दी भ्रामक जानकारी से बचने की सलाह

रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक के मुताबिक, फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने के कारण बुजुर्गों और अन्य पात्र हितग्राहियों को राशन नहीं मिल सकता, ऐसी जानकारी अधूरी और भ्रामक हो सकती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पूरी जानकारी प्राप्त करें और किसी भी भ्रम की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।हितग्राहियों के लिए जरूरी बात: अगर राशन दुकान पर फिंगरप्रिंट मैच नहीं हो रहा है, तो राशन नहीं मिलने की बात को अंतिम न मानें। नॉमिनी या OTP आधारित प्रमाणीकरण जैसी वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में जानकारी लें और लागू नियमों के अनुसार राशन प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करें।

Share The News
Share This Article
1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *