Rewa News: रीवा: रीवा जिले में गौशाला निर्माण के नाम पर सरकारी राशि के कथित फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। मनरेगा योजना के तहत गौशाला निर्माण के लिए करीब 38 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन जांच में मौके पर जरूरी निर्माण कार्य नहीं पाए गए। बिना पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाए, चहेते सप्लायर को काम सौंपा गया और लाखों रुपये के फर्जी बिल तैयार कर भुगतान करा लिया गया। मामले में EOW ने विभिन्न धाराओं के तहत 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
Rewa News: मामला डभौरा यूनिट नंबर-3 का है, जहां करीब 37 लाख 85 हजार रुपये की लागत से गौशाला, शेड, नलकूप और पानी की टंकी सहित कई निर्माण कार्य कराए जाने थे। जांच के मुताबिक, बिना पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाए छतरपुर के एक सप्लायर को काम सौंपा गया। 28 सामग्रियों के कोटेशन के बजाय केवल 9 सामग्रियों की दरें प्रस्तुत की गईं, फिर भी सप्लायर को एल-1 घोषित कर दिया गया।
Rewa News: आरोप है कि मनरेगा पोर्टल पर 27 लाख 38 हजार रुपये से अधिक के बिल प्रस्तुत किए गए और करीब 20 लाख 22 हजार रुपये का भुगतान करा लिया गया। भौतिक सत्यापन में मौके पर गौशाला, शेड, नलकूप और पानी की टंकी नहीं मिली। केवल अधूरी बाउंड्रीवॉल और एक अधूरा भवन पाया गया। अब EOW ने मामले में इंजीनियर और ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है। जांच में सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
