Burhanpur News : ताप्ती नदी फिर होगी प्रदूषित? NGT की रोक के बावजूद बुरहानपुर में पीओपी से बन रही विशाल मूर्तियां, प्रशासन मौन

Sanjay Sahu

Burhanpur News : बुरहानपुर/गोपाल देवकर : बुरहानपुर में प्लास्टर ऑफ पेरिस के मूर्ति निर्माण पर एनजीटी का प्रतिबंध लगा हुआ है, बावजूद शहर में मूर्तिकार धड़ल्ले से पीओपी से प्रतिमा बनाकर नियमो की धज्जियां उड़ा रहे हैं, हर साल प्रशासन पीओपी से मूर्ति निर्माण पर रोक लगाता है, इस बार ही जिला परेशान ने पुलिस विभाग के साथ मूर्तिकारों की बैठक ली जिसमे 10 फिट से अधिक मूर्तियां नही बनेगी लेकिन इसका बुरहानपुर के मूर्तिकारों पर कोई असर नहीं दिखाई देता

 

Burhanpur News : इस बार फिर ताप्ती नदी में पीओपी से प्रदूषण फैलेगा, इसके लिए अफसर खुद गंभीरता नहीं बरत रहे हैं, वहीं एनजीटी ने भी जिला प्रषासन को पीओपी की मुर्तीयों पर रौक लगाने के सख्त निर्देष दिए हैं, बावजूद मुर्तीकार बेखौफ होकर 10 से 20 फिट की मुर्तीयां बनाने में और अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं, कुछ कलाकार तो यह भी कह रहे है, दूसरे कर रहे हैं तो उनका क्या ? जबकि कई मूर्तिकारों पर पर तो गतवर्षो में धारा 188 के तहत मामला भी दर्ज किया गया था, बावजूद बेखौफ तरीके से कार्य कर रहे हैं।

 

Burhanpur News : बुरहानपुर में हर वर्ष कलेक्टर अपने अधिनस्थ अधिकारीयों एसडीएम, तहसीलदार को पीओपी की मुर्तीयों पर रोक लगाने के आदेष जारी करते हैं, इस बार भी कलेक्टर के आदेश के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मूर्तिकारों के साथ एक बैठक कर उन्हें आदेशित किया कि 10 फीट से अधिक बड़ी मूर्ति नहीं बनेगी जिस कारखाने में भी 10 फीट से अधिक मूर्तियां होगी उन पर दंडात्मक कार्रवाई होगी किंतु अब तक एक भी कारखाने पर अफसरों ने कार्रवाई नहीं की, जब हमारी टीम ने ग्राउंड रिपोर्ट पर जाकर देखा तो मूर्तिकार बेखौफ तरीके से बड़ी-बड़ी विशाल मूर्तियां बना रहे थे और जब मूर्तिकारो चर्चा की तो उन्होंने कहा कि 15 16 फीट 20 फीट तक मूर्तियां बनाते हैं लाखों बोरी पीओपी की मूर्तिकार लगाकर मूर्तियों को तैयार करते हैं लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम कि यह पीओपी से ताप्ती नदी का जल प्रदूषीत होगा और उसमें जीवन यापन करने वाले जलीय जंतु मर जाएंगे कलेक्टर ने मूर्तिकारों को मिट्टी की प्रतिमा बनाने के लिए भी निर्देश जारी किए थे,

 

Burhanpur News : हर साल की तरह इस बार भी मूर्तिकारों ने प्रशासन की हां में हां लगाकर, कारखानों में आज भी पीओपी की बड़ी बड़ी मूर्तियों का निर्माण कर रहे है, मुर्तिकार आस्था की आड में करोड़ों का कारोबार करते हैं और जिसका खामियाजा शहर की जनता को उठाना पडता है कि ताप्ती का जल पीने एवं नहाने योग्य नहीं रहता हैं, शहर सहित कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से अधिक मूर्तिकारों के कारखाने संचालित हैं, जो पीओपी की मुर्तियों का निर्माण कर रहे हैं, गणेश स्थापना से छह महीने पहले से मूर्ति निर्माण का काम शुरु हो गया था, अब तक 20 हजार से अधिक छोटी-बड़ी मूर्तियां तैयार हो चुकी है, 5 हजार छोटी-बड़ी मूर्तियों का निर्माण प्रगति पर है, मूर्तियों पर रासायनिक रंगों का भी उपयोग भी होता है।

 

Burhanpur News : जब इस संबंध में एसडीएम पल्लवी पौराणिक से चर्चा तो उन्होने बताया कि एनजीटी से आदेष आए थे और कलेक्टर साहब ने हमे निर्देष 10 फिट तक मूर्तया बनाने देने के आदेश जारी किए यदि इस्से बड़ी मूर्तियां बनाते कोई पाया जाता है तो दंडात्मक कार्यवाही की जावेगी, वही शिकारपुरा थानाप्राभारी कमल पवार से चर्चा की तो उन्हीने मूर्तिकारों के साथ बैठक कर इन्हें 12 फिट तक मूर्तियां बनाने के आदेश दिए है ।

Burhanpur News : आखिरकार प्रश्न यही उठता है कि जब एनजीटी ने पूर्ण रूप से पीओपी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है तो इन्हें 10 फीट या 12 फीट की मूर्ति बनाने के भी आदेश क्यों पारित किए गए हैं ,अब देखना होगा कि क्या मूर्तिकार कलेक्टर के आदेशों का पालन करते हैं या फिर 10 -12 फीट से भी ऊंची मूर्तियां बनाकर कलेक्टर और एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन करते हैं यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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