Cockroach Janata Party: जंतर-मंतर प्रदर्शन विवाद में ACP विवेक भगत की शिकायत पर FIR, पत्रकार रोजी, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका, सौरव दास समेत छह लोगों के नाम पर SC-ST एक्ट भी लगा

Sanjay Sahu
Cockroach Janata Party

Cockroach Janata Party: नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 3 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन से जुड़ा विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। ACP विवेक भगत की शिकायत पर संसद मार्ग थाने में 13 अक्टूबर 2026 को FIR दर्ज की गई है। शिकायत में स्वतंत्र पत्रकार रोजी, गजेंद्र सिंह और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े कुछ सदस्यों पर जातिसूचक टिप्पणी करने, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने, सरकारी काम में बाधा डालने और सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर छवि खराब करने के आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत में अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह समेत छह लोगों के नाम शामिल हैं। मामले में एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं।

प्रदर्शन के दौरान जातिसूचक टिप्पणी का आरोप

ACP विवेक भगत के मुताबिक, 3 अक्टूबर 2026 को चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनकी ड्यूटी लगी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बुटा सिंह गोलचक्कर के पास स्वतंत्र पत्रकार रोजी ने उनकी जाति मेघ/मेघवाल को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की और उनके ACP पद पर नियुक्त होने पर सवाल उठाए।

शिकायत के अनुसार, भगत ने इन टिप्पणियों को नजरअंदाज कर अपनी ड्यूटी जारी रखी। हालांकि, दोपहर करीब 3 बजे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और हिरासत में लेने की कार्रवाई के दौरान रोजी ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। ACP का दावा है कि रोजी और उनके साथियों ने बार-बार उनका सामना किया, जिससे सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न हुई।

थाने के बाहर प्रदर्शन और सोशल मीडिया पोस्ट का मामला

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसी शाम रोजी और अन्य लोगों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया और ACP के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप के मुताबिक, इस दौरान उन्हें ‘यौन दरिंदा’ और ‘संभावित बलात्कारी’ जैसे शब्दों से संबोधित किया गया।

विवेक भगत ने आरोप लगाया कि रोजी, गजेंद्र सिंह और CJP से जुड़े कुछ सदस्यों ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से संबंधित पोस्ट और रील सोशल मीडिया पर प्रसारित कीं। शिकायत में कहा गया है कि ये पोस्ट और रील X तथा इंस्टाग्राम पर साझा की गईं, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी हुई और उनकी सामाजिक व पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।

FIR में कौन-कौन सी धाराएं लगीं?

शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कथित जातिसूचक टिप्पणी और अपमान से जुड़े प्रावधानों के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, धारा 356(2) और धारा 3(5) शामिल हैं।

ACP ने यह भी बताया कि रोजी की ओर से यौन उत्पीड़न के संबंध में दर्ज कराई गई अलग शिकायत दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को भेजी गई थी और उसकी जांच जारी थी। फिलहाल मामले में आगे की जांच की जा रही है। ACP की शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। FIR में नाम दर्ज होने मात्र से किसी भी व्यक्ति का अपराध साबित नहीं होता।

 

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