Dhamtari News: धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक निजी अस्पताल पर आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के नाम पर कथित दोहरी वसूली का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित मरीज का दावा है कि अस्पताल प्रबंधन ने आयुष्मान कार्ड से कैशलेस इलाज का भरोसा दिया, लेकिन इलाज के दौरान कार्ड से 66 हजार रुपये काटने के साथ ही दवा और जांच के नाम पर 60 हजार रुपये नकद भी ले लिए। मामले को लेकर मरीज ने कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। अब प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।
Dhamtari News: आयुष्मान कार्ड से भुगतान के बाद भी नकद लेने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, सिविल इंजीनियर हरिश्चंद्र देवांगन अपनी टूटी हुई हड्डी का इलाज कराने शिवनंदा हॉस्पिटल पहुंचे थे। मरीज का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने शुरुआत में भरोसा दिलाया था कि उनका पूरा इलाज आयुष्मान कार्ड के जरिए कैशलेस होगा और उन्हें अपनी जेब से कोई रकम नहीं देनी पड़ेगी।
हालांकि, मरीज के अनुसार इलाज शुरू होने के बाद उनके आयुष्मान कार्ड से 66 हजार रुपये की राशि काट ली गई। इसके बावजूद दवाइयों, जांच और अन्य खर्चों का हवाला देकर उनसे अलग-अलग समय पर 60 हजार रुपये नकद भी लिए गए। पीड़ित ने इस कथित दोहरी वसूली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से मामले की जांच कराने और उचित कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, ये आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
पहले भी विवादों में रहने का दावा
Dhamtari News: शिकायत के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। खबर में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि अस्पताल पहले भी विवादों में रहा है। हालांकि, पूर्व के मामलों और आरोपों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष स्पष्ट नहीं हो सका है। आरोपों पर उसकी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति और साफ हो पाएगी।
Dhamtari News: कलेक्टर ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही
Dhamtari News: मामले की शिकायत मिलने के बाद धमतरी कलेक्टर ने संज्ञान लिया है। उन्होंने जांच के बाद उचित और कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही है। अब मुख्य सवाल यह है कि क्या जांच में आयुष्मान कार्ड से भुगतान के बावजूद मरीज से नकद रकम लेने की पुष्टि होती है? यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य पात्र मरीजों को निर्धारित शर्तों के तहत कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना है। ऐसे में शिकायत की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि मरीजों के अधिकारों की रक्षा हो सके और योजना के दुरुपयोग की स्थिति में जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

