टीकमगढ़। Nishaanebaz.com-Tikamgarh Collector School Inspection: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में ‘मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान’ के तहत स्कूलों की जमीनी हकीकत परखने निकले कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के औचक निरीक्षण से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। शासकीय माध्यमिक शाला भेलसी के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर की नजर अचानक छात्रों के बस्ते में रखी एक ‘प्राइवेट गाइड’ पर पड़ी। जब उन्होंने बच्चों से पूछताछ की, तो छात्रों ने बताया कि यह किताब उन्होंने शिक्षक के कहने पर बाहर से खरीदी है। इस खुलासे के बाद कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने कक्षा में जाकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उनके शैक्षणिक स्तर की जांच की। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, सुविधाओं और शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में सवाल पूछे। इसी दौरान जब उन्होंने बच्चों को पाठ्यपुस्तकों के अलावा एक विशेष प्राइवेट गाइड से पढ़ाई करते देखा, तो उन्होंने बच्चों से पूछा कि यह किताब कहाँ से आई। बच्चों ने बेझिझक जवाब दिया कि स्कूल के शिक्षक ने ही उन्हें यह गाइड बाहर की दुकान से खरीदने की सलाह दी थी।
Read More : Gold Silver Rate Today: 12 सितंबर को सोना-चांदी के भाव ने चौंकाया, दोनों कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट
शासकीय विद्यालयों में शासन द्वारा नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं, ऐसे में बच्चों पर बाहर से प्राइवेट गाइड खरीदने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आते ही प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीर लापरवाही और अनुचित व्यवहार मानते हुए मौके पर ही गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी व्यवस्थाओं के बीच किसी भी छात्र पर बाहर से किताबें या गाइड खरीदने का दबाव डालना नियमों के खिलाफ है।
Read More : MP News: सागर शराब कांड में फिर 2 मौतें! आंकड़ा 21 पहुंचा, ICU में पंचायत सचिव ने भी तोड़ा दम
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने टीकमगढ़ जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करें और जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही उन्होंने शिक्षकों को हिदायत दी कि वे प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान दें। अब हर किसी की नजरें शिक्षा विभाग की आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि इस मामले में दोषी शिक्षकों या जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।