Nepal Flood 2026: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के करीब एक सप्ताह बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबे, कीचड़ और पानी के बीच सुरक्षाबल और राहतकर्मी लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।कई परिवार अब भी अपने परिजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में जगह-जगह मलबा जमा होने के कारण खोज अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।नेपाल बाढ़ त्रासदी में अब तक बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ और उससे जुड़ी आपदा में अब तक 1127 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं 4858 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।बरामद किए गए शवों में करीब 400 लोगों के केवल आंशिक अवशेष मिले हैं। ऐसे में मृतकों की पहचान करना भी राहत एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।नेपाल में बाढ़ का कहर इतना व्यापक रहा कि कई परिवारों का संपर्क अपने करीबियों से पूरी तरह टूट गया। लापता लोगों की तलाश के लिए नदी के निचले हिस्सों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है।
500 विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी
बाढ़ में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि करीब 500 विदेशी नागरिक लापता हैं।नेपाल में सड़क और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाले कई चीनी नागरिक भी अब तक नहीं मिल पाए हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार नेपाल में करीब 100 चीनी नागरिकों का पता नहीं चला है।नेपाल फ्लड अपडेट के बीच प्रभावित परिवार अपने परिजनों के बारे में स्पष्ट और सही जानकारी मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
एक लड़की ने खोए परिवार के 17 सदस्य
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक नेपाली लड़की ने बताया कि उसने इस आपदा में अपने परिवार के 17 सदस्यों को खो दिया।बाढ़ प्रभावित बिदुर में बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं। इन परिवारों के सामने घर और सामान खोने के बाद अब सुरक्षित भविष्य की चिंता भी बनी हुई है।नेपाल बाढ़ में तबाही झेल चुके लोगों के बीच एक और बाढ़ आने का डर भी बना हुआ है।
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मलबे और कीचड़ ने बढ़ाई रेस्क्यू टीमों की मुश्किल
बाढ़ का पानी कम होने के बाद कई क्षेत्रों में भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा जमा है। यही वजह है कि राहतकर्मियों को लापता लोगों की तलाश में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।सुरक्षा बल और रेस्क्यू टीमें प्रभावित इलाकों के साथ-साथ नदी के निचले हिस्सों में भी लगातार खोज अभियान चला रही हैं।नेपाल बाढ़ राहत अभियान के तहत प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के साथ लापता लोगों को खोजने का काम भी प्राथमिकता से किया जा रहा है।
भारत ने भेजी पांचवीं राहत उड़ान
इस बीच भारत ने नेपाल की मदद के लिए एक और राहत उड़ान भेजी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी।भारत की पांचवीं सहायता उड़ान में 11 सदस्यीय विशेष रेस्क्यू टीम, आधुनिक बचाव उपकरण और करीब 5.5 टन जरूरी दवाइयां भेजी गई हैं।इससे पहले भारत चार राहत उड़ानों के जरिए नेपाल को करीब 68.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है।
दवाइयों से लेकर कंबल और तिरपाल तक भेजे गए
भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री में दवाइयों के अलावा खाद्य सामग्री, कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, हाइजीन किट और दूसरी जरूरी वस्तुएं शामिल हैं।नेपाल बाढ़ राहत के बीच भारत की ओर से लगातार भेजी जा रही सहायता से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।फिलहाल नेपाल में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हजारों लोगों के लापता होने के कारण परिवारों की उम्मीदें अभी भी बची हुई हैं। राहत एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे और नदी क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश कर उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाने की है।





