MP Police Promotions Cancelled 2026: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में पदोन्नति से जुड़ा बड़ा फैसला सामने आया है। पुलिस विभाग के 161 कर्मचारियों की पदोन्नति निरस्त कर दी गई है। प्रमोशन मिलने के बाद अब इन पुलिसकर्मियों को बड़ा झटका लगा है।उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं और कुछ के खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है। इसी आधार पर उनकी पदोन्नति को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।MP पुलिस प्रमोशन रद्द होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी अब पहले की तरह कार्यवाहक पद पर ही जिम्मेदारी संभालेंगे।
पुलिस विभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया प्रमोशन नीति 2026 के तहत की गई थी। इसी प्रक्रिया में उप निरीक्षक और निरीक्षक स्तर के कई पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई थी।बाद में रिकॉर्ड की जांच के दौरान संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों और विभागीय जांच की जानकारी सामने आई। इसके बाद पदोन्नति के फैसले की समीक्षा की गई।MP पुलिस पदोन्नति रद्द किए जाने के फैसले से उन अधिकारियों और कर्मचारियों को झटका लगा है, जिन्हें हाल ही में नई जिम्मेदारी मिली थी।
13 और 20 जुलाई को मिली थी पदोन्नति
जानकारी के मुताबिक निरीक्षक और उप निरीक्षक स्तर पर अलग-अलग तारीखों में प्रमोशन दिया गया था। 13 जुलाई 2026 को निरीक्षक पद पर पदोन्नति की गई थी, जबकि 20 जुलाई 2026 को उप निरीक्षक पद पर प्रमोशन दिया गया था।अब इन दोनों श्रेणियों में की गई संबंधित पदोन्नतियां निरस्त कर दी गई हैं।इस फैसले के बाद MP Police Promotion Cancelled मामले में विभागीय प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। संबंधित पुलिसकर्मियों को फिलहाल पहले की तरह कार्यवाहक पद पर ही रखा जाएगा।
31 अगस्त को पुलिस मुख्यालय से जारी हुए आदेश
भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय से 31 अगस्त 2026 को इस संबंध में दो अलग-अलग आदेश जारी किए गए। ये आदेश पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी किए गए हैं।उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों आदेशों पर डीजीपी कैलाश मकवाना के हस्ताक्षर हैं। आदेश के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों की पदोन्नति को प्रभावी नहीं माना जाएगा।एमपी पुलिस प्रमोशन कैंसिल होने के बाद अब संबंधित कर्मचारियों की पोस्टिंग और जिम्मेदारियां पहले की स्थिति के अनुसार ही रहेंगी।
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आपराधिक केस और विभागीय जांच बनी अहम वजह
पदोन्नति निरस्त करने के पीछे सबसे अहम वजह संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ चल रहे मामले बताए जा रहे हैं। इनमें आपराधिक प्रकरणों के साथ विभागीय जांच भी शामिल है।पुलिस विभाग में पदोन्नति के दौरान कर्मचारियों की सेवा संबंधी स्थिति और लंबित मामलों को भी ध्यान में रखा जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत जांच के बाद इन 161 पुलिसकर्मियों की पदोन्नति पर कार्रवाई की गई है।MP पुलिस प्रमोशन मामले में यह फैसला विभाग की ओर से जारी आदेशों के आधार पर लागू हुआ है।
प्रमोशन मिलने के बाद वापस कार्यवाहक पद पर रहेंगे
पदोन्नति निरस्त होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को पूरी तरह सेवा से हटाया नहीं गया है। वे पुलिस विभाग में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे, लेकिन उन्हें पहले वाले कार्यवाहक पद पर ही रखा जाएगा।इस तरह हाल ही में मिली पदोन्नति का लाभ अब संबंधित कर्मचारियों को नहीं मिलेगा। पुलिस मुख्यालय के आदेश के बाद विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई उसी के अनुसार की जाएगी।





