बीजापुर। Nishaanebaz.com-Bijapur News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिला मुख्यालय के नगरपालिका क्षेत्र में स्थित विभिन्न वार्डों के निवासियों ने मकानों के राजस्व पट्टे की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। वर्षों से काबिज अपने आशियाने को बचाने और वैध पट्टा हासिल करने के लिए सैकड़ों वार्डवासियों ने क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में बीजापुर नगरपालिका कार्यालय का आक्रामक घेराव किया। इस विशाल प्रदर्शन में वार्ड क्रमांक 1, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के पीड़ित नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
आंदोलनकारी वार्डवासियों का आरोप है कि वे पिछले कई दशकों से अपने-अपने मकान बनाकर शांतिपूर्वक जीवन-यापन कर रहे हैं। लेकिन हाल के दिनों में नगरपालिका परिषद बीजापुर द्वारा समय-समय पर उनके मकानों को अवैध बताकर तोड़ने और जमीन खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है। इस प्रशासनिक बेदखली के नोटिस से क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों में बेघर होने की दहशत व्याप्त है। नागरिकों का कहना है कि इतने वर्षों से आबाद घरों को छोड़कर वे आखिर कहां जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने भारतीय जनता पार्टी और नगरपालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव से पूर्व भाजपा और वर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष ने नागरिकों को पट्टा व पक्के मकान देने का बड़ा वादा किया था। लेकिन सत्ता में आते ही पट्टा देने की जगह गरीबों के मकानों पर बुलडोजर चलाने और नोटिस थमाने की कार्रवाई की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेडिंग को दरकिनार करते हुए नगरपालिका के मुख्य गेट तक जा पहुंचे, जहां भारी पुलिस बल ने उन्हें भीतर जाने से रोका। इसके पश्चात विधायक के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार बीजापुर को ज्ञापन सौंपकर मकान तोड़ने की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने और जल्द पट्टा देने की मांग की गई। वहीं मामले में तहसीलदार बीजापुर ने स्पष्ट किया कि राजस्व भूमि के आबादी क्षेत्र में काबिज लोगों को नियमानुसार पट्टा देने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन वन विभाग (Forest Land) की भूमि पर नियमों के तहत पट्टा दिया जाना संभव नहीं होगा।





