Tuesday, September 1, 2026
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Bhind Lahar Retired Patwari Farewell Controversy: पीएम की अपील बेअसर, लहार में सेवानिवृत्त पटवारी की विदाई पर निकाला 200 वाहनों का विशाल काफिला; लगा जाम

भिंड (लहार)। Nishaanebaz.com-Bhind Lahar News: एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं और देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा आम जनता से पेट्रोलियम पदार्थों की बचत व अनावश्यक खपत से बचने का आग्रह किया जा रहा है, वहीं मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक विपरीत तस्वीर सामने आई है। भिंड के लहार तहसील क्षेत्र में एक पटवारी की सेवानिवृत्ति के अवसर पर नियम-कायदों और राष्ट्रीय अपीलों को ताक पर रखकर करीब 200 चारपहिया वाहनों का एक विशाल काफिला निकाला गया। इस भव्य शक्ति प्रदर्शन और स्वागत जुलूस के चलते लहार नगर की मुख्य सड़कों पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही।

पूरा घटनाक्रम 31 अगस्त को लहार में पदस्थ पटवारी विजय शंकर दुबे की सेवानिवृत्ति से जुड़ा है। उनके सेवामुक्त होने पर सोमवार शाम को मध्य प्रदेश पटवारी संघ के तत्वावधान में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद पटवारी के सम्मान में 200 से अधिक वाहनों के साथ नगर की सड़कों पर विशाल रैली निकाली गई। रैली के दौरान चौक-चौराहों पर फूल-मालाओं और आतिशबाजी से उनका भव्य स्वागत किया गया, जिससे आम राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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चौंकाने वाली बात यह है कि इस विदाई जुलूस और शक्ति प्रदर्शन में राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जैसे तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कर्मचारी, पटवारी संघ के पदाधिकारी, स्टांप विक्रेता और कई स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल रहे। शासकीय व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी में इस तरह सैकड़ों गाड़ियों की अनावश्यक रैली निकाले जाने पर अब प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं।

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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी परिस्थितियों के बीच जब देश भर में ईंधन बचाने और विवेकपूर्ण उपयोग की अपीलें की जा रही हैं, ऐसे में एक व्यक्तिगत विदाई समारोह के नाम पर सैकड़ों गाड़ियों का काफिला निकालना जन-जागरूकता और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। लहार की सड़कों पर निकला यह शक्ति प्रदर्शन अब सिर्फ एक साधारण विदाई समारोह नहीं रहा, बल्कि यह सवाल पूछ रहा है कि क्या ईंधन बचत और नियम-कायदों का पालन करने की जिम्मेदारी केवल आम नागरिक की है या सरकारी अमले को भी इसका ध्यान रखना चाहिए।

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